- वायरल वीडियो में ईरानी शाहेद ड्रोन अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को चकमा देकर तेल ठिकाने पर हमला करता दिखा
- शाहेद ड्रोन जीपीएस से कनेक्ट होकर लोकेशन देता है और फिर रिसीवर बंद कर एयर डिफेंस सिस्टम से बचता है
- रूस भी यूक्रेन युद्ध में शाहेद जैसे ड्रोन का उपयोग कर रहा है, जो अत्याधुनिक एंटीना हस्तक्षेप तकनीक से लैस हैं
US Iran War: एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में दावा किया कि ईरान की नौसेना को वो तबाह कर चुके हैं, उसकी वायुसेना की हालत जर्जर हो रखी है. लेकिन इसी बीच इराक से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो अलग ही तस्वीर दिखाता है. कहा जाता है कि अमेरिकी सेना के सामने ईरानी सेना की ताकत कुछ नहीं है, लेकिन यह वीडियो इस नैरेटिव को खारिज करता है. इस हैरतअंगेज फुटेज में दिख रहा है कि कैसे ईरान का शाहेद ड्रोन न सिर्फ अमेरिकी वायु सेना के F-15 फाइटर जेट को चकमा देता है, बल्कि टारगेट पर जाकर तबाही भी मचाता है. आपको पहले यह वीडियो दिखाते हैं और फिर बताते हैं कि 18 लाख रुपए का एक शाहेद ड्रोन आखिर कैसे 800 करोड़ रुपए के F-15 फाइटर जेट से बच निकलता है.
वीडियो में क्या दिख रहा?
इस वायरल फुटेज में दिख रहा है कि अमेरिकी वायु सेना का F-15 फाइटर जेट उत्तरी इराक के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ रहे ईरानी शहीद ड्रोन का पीछा कर रहा है लेकिन उसे रोकने में विफल रहा. बाद में ड्रोन ने इस इलाके में एरबिल में एक तेल ठिकाने के पास हमला किया और वहां से धुआं उठने लगता है.
आखिर शाहेद ड्रोन मात कैसे दे देता है?
AFP की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन के रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के एक शोधकर्ता थॉमस विन्गिंगटन ने कहा कि टारगेट पर विस्फोट करने के लिए डिजाइन किए गए, शाहेद ड्रोन टेकऑफ से कुछ समय पहले या बाद में अपना लोकेशन देने के लिए जीपीएस से कनेक्ट होते हैं, लेकिन फिर आम तौर पर अपने रिसीवर बंद कर देते हैं.
रूस भी यूक्रेन में अपने युद्ध में उपयोग करने के लिए शाहेद-शैली के ड्रोन बनाता है. अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी ने 2023 में पाया कि उन ड्रोनों ने जीपीएस सिग्नल को बनाए रखते हुए दुश्मन के जैमिंग सिग्नल को हटाने के लिए "अत्याधुनिक एंटीना हस्तक्षेप दमन" (state-of-art antenna interference suppression) का इस्तेमाल किया.
2023 आरयूएसआई पेपर में कहा गया है कि शहीद को प्लास्टिक और फाइबरग्लास जैसी "हल्के रडार-अवशोषित सामग्री" से बनाया गया है. उनका छोटा आकार और कम ऊंचाई उन्हें एयर डिफेंस सिस्टम से बच निकलने की अनुमति देती है.
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