गाजा में शांति या नया संघर्ष? ट्रंप–नेतन्याहू मुलाकात से बढ़ी उम्मीदें और सवाल

गाजा युद्धविराम के दूसरे चरण पर वॉशिंगटन में ट्रंप और नेतन्याहू की अहम बैठक के बीच हमास निरस्त्रीकरण और गाजा प्रशासन मॉडल पर चर्चा केंद्र में रही.

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  • इजरायल पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 2025 में छठी बार मुलाकात
  • नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की और ब्लेयर हाउस में बोर्ड ऑफ पीस सदस्यता दर्ज
  • गाजा युद्धविराम योजना के दूसरे चरण पर चर्चा केंद्रित रही, जिसमें टेक्नोक्रेटिक कमिटी और पुनर्निर्माण शामिल हैं
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वॉशिंगटन:

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. यह 2025 में ट्रंप के दोबारा पद संभालने के बाद दोनों नेताओं की छठी बैठक है. इजरायली पीएम ऑफिस ने पोस्ट कर पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर रहे हैं. इससे पहले, नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की. वाशिंगटन के ब्लेयर हाउस में हुई इस बैठक के दौरान नेतन्याहू ने ‘बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्य के रूप में नाम दर्ज कराया. यह कदम ट्रंप से होने वाली बैठक से ठीक पहले उठाया गया.

गाजा युद्धविराम योजना का दूसरा चरण चर्चा के केंद्र में

अपनी वॉशिंगटन यात्रा से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि गाजा संकट उन मुद्दों में सबसे प्रमुख होगा जिन पर ट्रंप के साथ बात होगी. अमेरिका ने जनवरी के मध्य में गाजा युद्धविराम योजना के दूसरे चरण का एलान किया था. यह कदम उस समय उठाया गया जब गाजा प्रशासन के लिए एक नई समिति गठित की गई. पहला चरण अक्टूबर 2025 में लागू 20-बिंदुओं वाले युद्धविराम समझौते का हिस्सा था, जो इस वर्ष जनवरी में इजरायल को अंतिम बचे बंधक के अवशेष लौटाए जाने के बाद पूरा माना गया. इसके बाद राफाह क्रॉसिंग को भी आंशिक रूप से दोबारा खोला गया.

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ट्रंप युद्धविराम आगे बढ़ाना चाहते हैं, नेतन्याहू की शर्तें बरकरार

दरअसल अमेरिका चाहता है कि गाजा के लिए दूसरा चरण आगे बढ़ाया जाए और एक प्रशासनिक बोर्ड बनाया जाए. गाजा के संचालन के लिए एक ‘टेक्नोक्रेटिक कमिटी' नियुक्त की जाए. हालांकि नेतन्याहू का जोर इस बात पर है कि हामास के पूर्ण निरस्त्रीकरण के बिना गाजा में किसी भी तरह का पुनर्निर्माण या प्रशासनिक ढांचा संभव नहीं है. अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने जनवरी में कहा था कि दूसरे चरण का फोकस होगा.

  • डिमिलिटराइजेशन (अस्त्रहीनकरण)
  • टेक्नोक्रेटिक शासन
  • पुनर्निर्माण

हालांकि इन प्रावधानों को ज़मीन पर कैसे लागू किया जाएगा, इस पर उन्होंने विवरण नहीं दिया.

वेस्ट बैंक पर इजरायल की कार्रवाई भी चर्चा में

नेतन्याहू की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब इजरायल हाल के महीनों में वेस्ट बैंक पर नियंत्रण कड़ा करने के कई कदम उठा चुका है. ऐसे में यह बैठक गाज़ा युद्धविराम, क्षेत्रीय सुरक्षा और वेस्ट बैंक की स्थिति इन सभी मोर्चों पर अहम मानी जा रही है.

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