अमेरिका ने इजरायल और इन सहयोगी खाड़ी देशों को 8.6 अरब डॉलर से अधिक के सैन्य सौदों को मंजूरी दी

ट्रंप ने जनवरी में वेनेजुएला में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने "इतिहास के सबसे महान सैन्य अभियानों में से एक" बताया और इसकी तुलना ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से की.

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ट्रंप अब विरोधियों के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं.
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  • अमेरिका ने इजरायल, कतर, कुवैत और यूएई को आठ अरब से अधिक अमेरिकी डॉलर के सैन्य हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी
  • इजरायल को एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम के लिए नौ सौ नब्बे मिलियन डॉलर से अधिक की मंजूरी मिली है
  • कतर को पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस सेवाओं के साथ चार अरब अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता दी जाएगी
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अमेरिका ने इजरायल, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित प्रमुख पश्चिम एशियाई सहयोगियों को 8.6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के सैन्य हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है. एएनआई ने ये जानकारी अल जजीरा की रिपोर्ट के आधार पर दी है, उसके अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को इन हथियारों की बिक्री की घोषणा की, क्योंकि ईरान से जुड़े लंबे संघर्ष के बाद क्षेत्रीय तनाव अभी भी बना हुआ है. ये मंजूरी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से नौवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है.

किस देश को क्या मिलेगा?

  • घोषणा के अनुसार, इजरायल को 992.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (एपीकेडब्ल्यूएस) की मंजूरी मिल गई है. वहीं, कुवैत को 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत वाली इंटीग्रेटेड बैटल कमांड सिस्टम मिलेगी.
  • अमेरिकी विदेश विभाग ने कतर को 4.01 बिलियन अमेरिकी डॉलर की पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस रीप्लेनिशमेंट सेवाओं और एपीकेडब्ल्यूएस की बिक्री को भी मंजूरी दे दी है. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात को भी 147.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर में एपीकेडब्ल्यूएस प्राप्त होगा.

ट्रंप ने आलोचकों को बताया "देशद्रोही"

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि आलोचकों का यह दावा करना "देशद्रोह" है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ युद्ध नहीं जीत रहा है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने पहले ही कांग्रेस को सूचित कर दिया था कि शत्रुता समाप्त हो गई है.

फ्लोरिडा के द विलेजेस में अपने संबोधन के दौरान, ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाने के लिए अपने राजनीतिक विरोधियों की आलोचना की. ट्रंप ने कहा, "कट्टरपंथी वामपंथी कहते हैं, 'हम जीत नहीं रहे हैं, हम जीत नहीं रहे हैं. उनके पास अब कोई सैन्य शक्ति नहीं बची है। यह अविश्वसनीय है. वास्तव में, मुझे लगता है कि यह राजद्रोह है. ठीक है, अगर आप सच जानना चाहते हैं, तो यह राजद्रोह है."

'वेनेजुएला की तरह ईरान युद्ध'

ट्रंप ने जनवरी में वेनेजुएला में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने "इतिहास के सबसे महान सैन्य अभियानों में से एक" बताया और इसकी तुलना ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से की. ट्रंप ने कहा, "हम ईरान में लगभग उतना ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता."

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'तो  इजरायल, मध्य पूर्व और यूरोप टुकड़े-टुकड़े हो जाते'

ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सैन्य कार्रवाई खाड़ी क्षेत्र, जिसमें इजरायल भी शामिल है, को उस खतरे से बचाने के लिए की गई थी जो तेहरान के परमाणु हथियार हासिल करने में सफल होने पर पैदा हो सकता था. उन्होंने आगे कहा, "क्योंकि हमें ईरान जैसे खूबसूरत देश में जाना था और यह सुनिश्चित करना था कि उनके पास परमाणु हथियार न हों. हमने उन्हें बी2 बमवर्षकों से रोका. अगर हम ऐसा नहीं करते, तो उनके पास परमाणु हथियार होता. इजरायल, मध्य पूर्व और यूरोप टुकड़े-टुकड़े हो जाते."

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि ईरानी नेतृत्व के कमजोर होने के कारण ईरान की सैन्य क्षमता काफी कम हो गई है. ट्रंप ने कहा, "ईरान तबाह हो रहा है. उनके पास नौसेना नहीं है. उनके पास वायुसेना नहीं है. उनके पास विमानरोधी उपकरण नहीं हैं. उनके पास रडार नहीं है. उनके पास कोई नेता नहीं है; उनके सभी नेता जा चुके हैं."

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