- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आज सबसे बड़ा हमला करने का ऐलान करते हुए आत्मसमर्पण का दावा किया
- ट्रंप ने कहा कि ईरान ने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांगकर आत्मसमर्पण किया और अब हमला नहीं करेगा
- ईरान के राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी लेकिन ट्रंप की आत्मसमर्पण मांग को खारिज किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आज सबसे बड़ा हमला करने का ऐलान किया है. हालांकि, साथ ही वो ये भी कह रहे हैं कि ईरान ने आत्मसमर्पण कर दिया है और वो हार गया है. ट्रंप ने ये भी धमकी दी है कि आज के हमले में वो ईरान में उन जगहों पर भी हमले करेंगे, जहां पहले सोचा भी नहीं गया था.
ट्रंप ने क्या लिखा
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा है, "ईरान, जो बुरी तरह हार रहा है, उसने अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांगते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है और वादा किया है कि वह अब उन पर हमला नहीं करेगा. यह वादा अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण ही किया गया है. वे मध्य पूर्व पर कब्जा करके शासन करना चाहते थे. हजारों वर्षों में यह पहली बार है कि ईरान अपने पड़ोसी मध्य पूर्वी देशों से हारा है. मीडिल ईस्ट देशों ने कहा है, "थैंकयू राष्ट्रपति ट्रंप." मैंने कहा है, "आपका स्वागत है!" ईरान अब "मध्य पूर्व का दादा" नहीं रहा, बल्कि "मध्य पूर्व का हारा हुआ" है, और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा, जब तक कि वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता या, अधिक संभावना है, पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाता! आज ईरान पर बहुत बड़ा हमला किया जाएगा! ईरान के खराब व्यवहार के कारण, उन क्षेत्रों और लोगों पर भी हमला हो सकता है, जहां अब तक हमला नहीं किया गया या जिन्हें अब तक निशाना बनाने के बारे में सोचा भी नहीं गया था. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप."
क्या सच में ईरान ने मांगी माफी
ट्रंप ने ये पोस्ट तब किया जब ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को क्षेत्रीय देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी. हालांकि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बार-बार की आत्मसमर्पण की मांग को भी खारिज कर दिया. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरान की देखरेख कर रही त्रिपक्षीय नेतृत्व परिषद के एक सदस्य हैं.
पेशेवर प्रसारण उपकरणों के बिना जल्दबाजी में फिल्माए गए इस संदेश ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड केवल खामेनेई के प्रति जवाबदेह हैं और अब संघर्ष के बढ़ने के साथ-साथ अपने लक्ष्य खुद चुन रहा है.
क्या ईरानी सेना और नेतृत्व में मतभेद
राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे अपनी ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगनी चाहिए, जिन पर ईरान ने हमला किया है. अब से उन्हें पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करना चाहिए और न ही उन पर मिसाइलें दागनी चाहिए, जब तक कि वे हम पर हमला न करें. मेरा मानना है कि हमें इस समस्या का समाधान कूटनीति के माध्यम से करना चाहिए.”
पेजेशकियन के बयान के बाद, ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने यह कहकर और भ्रम पैदा कर दिया कि तेहरान ने उन देशों पर हमला नहीं किया है, जिन्होंने अमेरिका को हमारे देश पर आक्रमण करने का मौका नहीं दिया.













