- बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी के प्रमुख तारिक रहमान ने देश के हितों को विदेश नीति में सर्वोपरि रखा है
- बीएनपी ने हालिया संसदीय चुनाव में 297 सीटों में से 209 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है
- तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश और उसकी जनता के हित विदेश नीति निर्धारण के लिए प्राथमिक होंगे
बांग्लादेश की कमान अब तारिक रहमान के हाथों में आ गई है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वहां हिंदुओं पर हो रही हिंसा कम होगी. ढाका और नई दिल्ली के संबंध एक बार फिर से बेहतर होंगे, भारत ने दोस्ती का हाथ आगे बढ़ाया भी है. लेकिन तारिक रहमान ने अपने इरादे साफ कर दिये हैं. बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) प्रमुख ने साफ कर दिया है कि उनके लिए देश सबसे ऊपर है, बाकी सब उसके बाद. 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनावों में शानदार जीत के बाद तारिक रहमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश की विदेश नीति में देश के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी.
सबसे पहले बांग्लादेश...
भारत के साथ संबंधों से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश और यहां की जनता के हित ही हमारी विदेश नीति का निर्धारण करेंगे. देश की स्वतंत्रता प्रेमी और लोकतंत्र समर्थक जनता ने एक बार फिर बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी को जीत दिलाई है. हमने अपनी विदेश नीति को लेकर स्पष्ट कर दिया है, जो बांग्लादेश के हित में है और बांग्लादेशी जनता का हित सर्वोपरि है. बांग्लादेश और बांग्लादेशी जनता के हितों की रक्षा करते हुए ही हम अपनी विदेश नीति तय करेंगे.'
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कानून-व्यवस्था 'हर हाल में' बनाए रखना अनिवार्य
तारिक रहमान ने शनिवार को कहा कि देश में कानून-व्यवस्था 'हर हाल में' बनाए रखना अनिवार्य है और सभी से सुरक्षित व मानवीय राष्ट्र निर्माण में सहयोग करने की अपील की. ढाका में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा कि देश के पुनर्निर्माण में इस बार सभी को जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी. उन्होंने कहा, 'हमें सुरक्षित और मानवीय बांग्लादेश बनाने के लिए सभी का सहयोग चाहिए. किसी भी बहाने से किसी के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता. कानून-व्यवस्था हर हाल में बनाए रखनी होगी.' रहमान, जो पूर्ण बहुमत मिलने के बाद बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी तरह की हिंसा, प्रतिशोध या उकसावे की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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तारिक रहमान को मिली है प्रचंड जीत
12 फरवरी को हुए चुनाव में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतीं. चट्टोग्राम-2 और चट्टोग्राम-4 सहित दो निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम रोके गए हैं, जहां बीएनपी उम्मीदवार बढ़त पर बताए गए हैं. पार्टी के सहयोगियों ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है. दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें हासिल कीं, जबकि जमात के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के सहयोगियों को नौ सीटें मिलीं. इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने एक सीट जीती, जबकि सात निर्वाचन क्षेत्रों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे.
पिछले 18 महीनों से अस्थिर है बांग्लादेश
करीब 35 वर्षों बाद बांग्लादेश को एक पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के सामने अशांति और बढ़ते इस्लामी कट्टरपंथ जैसी चुनौतियों से निपटना बड़ी प्राथमिकता होगी. पिछले 18 महीनों तक रहे मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान देश में अस्थिरता और उग्रवाद के मामलों में वृद्धि देखी गई थी.
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