सीरिया के 24 साल तानाशाह रहे बशर अल असद को मौत की सजा, फिलहाल देश छोड़कर भागे हैं

बशर अल-असद को अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Bashar al-Assad Death Sentence: बशर अल-असद को मौत की सजा मिली
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • सीरिया की अदालत ने पूर्व शासक बशर अल-असद को गृह युद्ध के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई
  • बशर अल-असद ने 24 वर्षों तक सीरिया पर शासन किया और दिसंबर 2024 में रूस भाग गए थे
  • वर्तमान में सीरिया की कमान राष्ट्रपति अहमद अल-शरा संभाल रहे हैं, जिनका समर्थन अमेरिका करता है

सीरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व शासक बशर अल-असद को मौत की सजा सुना दी है. इस अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए बशर अल-असद को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई. बशर अल-असद ने 24 सालों तक सीरिया पर शासन किया था. लेकिन दिसंबर 2024 में इस्लामी ताकतों के दमिश्क के करीब पहुंचने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ रूस भाग गए थे और तब से वहीं हैं.

13 सालों के गृह युद्ध में लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे और लाखों लोग विस्थापित हुए. सीरिया का बुनियादी ढांचा बर्बाद हो चुका है. 

कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने पाया कि 2011 में डेरा प्रांत में असद की सरकार द्वारा किए गए अपराध मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं. सीरियाई सेना के पूर्व लीडर और बशर के छोटे भाई माहेर अल-असद को भी मौत की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही अदालत ने बशर अल-असद के चचेरा भाई आतेफ नजीब को भी मौत की सजा दी है. आतेफ नजीब सीरियाई सेना के एक पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं. 2011 में असद के शासन में नजीब दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच के प्रमुख थे.

आतेफ नजीब को पिछले साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें हत्या, 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जानबूझकर हत्या और यातना देने से मौत देने जैसे अपराधों का दोषी ठहराया गया है. अदालत ने नजीब को लेकर कहा कि उस पर लगे आरोप इंसानियत के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं और उन्हें सबसे कड़ी सजा, यानी मौत की सजा सुनाई गई है.

अल-असद परिवार ने 5 दशक से अधिक समय तक किया सीरिया पर शासन

50 से ज्यादा सालों तक सीरिया पर हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर अल-असद का शासन रहा. 'अरब स्प्रिंग' के दौरान, 2011 में 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश में उनके दमनकारी शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया. इससे 13 साल तक चला एक भयानक गृहयुद्ध छिड़ गया, जिसमें 'सीरियन ऑब्जर्वेटरी ऑफ ह्यूमन राइट्स' के अनुसार, पांच लाख से ज्यादा लोग मारे गए.

Advertisement

लाखों लोग देश छोड़कर लेबनान, जॉर्डन, तुर्की और यूरोप चले गए. असद परिवार ने सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक और सांप्रदायिक तनावों का फायदा उठाया. यह वही विरासत है जिसके कारण सीरिया में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हिंसा फिर से भड़क रही है, जबकि यह वादा किया गया था कि देश के नए नेता सीरिया के लिए ऐसा राजनीतिक भविष्य बनाएंगे जिसमें सभी समुदायों को शामिल किया जाएगा और उनका प्रतिनिधित्व होगा.

अभी सीरिया पर किसका शासन है?

बशर अल-असद को सत्ता से हटारकर सीरिया की कमान राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने संभाली है, जिसे अमेरिका ने अपना सपोर्ट दे रखा है. खास बात है कि साल 2013 में जिस समय बराक ओबामा राष्‍ट्रपति थे, अमेरिका ने शरा को ग्‍लोबल टेररिस्‍ट घोषित कर दिया था. उसकी गिरफ्तारी में मददगार जानकारी देने वाले को 1 करोड़ डॉलर का इनाम देने की घोषणा की थी. लेकिन जब दिसंबर 2024 में, असद का पतन हुआ तो व्‍हाइट हाउस ने चुपचाप इस इनाम के ऐलान को वापस ले लिया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सीरिया क्यों गए थे मैक्रों? दमिश्क में जहां हुए धमाके, वहां फ्रांसीसी राष्ट्रपति के होने की पूरी कहानी

Featured Video Of The Day
चमोली में 'बादलफाड़' तबाही, फ्लैश फ्लड से कहां-कहां बिगड़े हालात?

Topics mentioned in this article
Bashar Al-Assad
Bashar Al-Assad Death Sentence
Syria