दोस्त को अपने वीजा और पासपोर्ट पर भेज दिया लंदन, श्रीलंका में गजब का फ्रॉड सामने आया

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि दूसरे यात्री ने जांच को कैसे दरकिनार किया, क्या किसी प्रक्रियात्मक खामी का फायदा उठाया गया और क्या इसमें कोई व्यापक नेटवर्क शामिल था.

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  • श्रीलंका के एक व्यक्ति ने अपने नाम पर लंदन वीजा और टिकट लेकर दोस्त को फ्लाइट में बैठा दिया
  • एयरपोर्ट पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि देख इमिग्रेशन अधिकारियों को सूचित कर धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया
  • आरोपी ने बोर्डिंग पास और वीजा अपने दोस्त को सौंपकर खुद के लिए दूसरी टिकट बुक करने की कोशिश की
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यूरोप जाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते? ऐसा ही एक मामला श्रीलंका में सामने आया है. इसमें एक व्यक्ति ने अपने नाम पर लंदन जाने का वीजा लिया और टिकट बुक करा ली. एयरपोर्ट पर पहुंचकर जांच में शामिल हुआ और अंत में अपनी जगह अपने दोस्त को फ्लाइट में बैठा दिया. इसके बाद अपने लिए दूसरी टिकट बुक करने लगा. एयरपोर्ट कर्मचारियों को शक हुआ तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

कैसे पता चला

केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई अड्डा पुलिस ने एक श्रीलंकाई मूल के यात्री को कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस धोखाधड़ी में एक व्यक्ति के बोर्डिंग पास और यूके वीजा का इस्तेमाल दूसरे व्यक्ति ने लंदन जाने के लिए किया था. सीआईएसएफ कर्मियों ने अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर के पास संदिग्ध गतिविधि देखी और इमिग्रेशन अधिकारियों को सूचित किया.  बाद में सत्यापन के दौरान, वर्जिन अटलांटिक से प्राप्त जानकारी से पता चला कि एक अन्य व्यक्ति ने कंडिया राजगोपाल के नाम से जारी बोर्डिंग पास का उपयोग करके वर्जिन अटलांटिक की फ्लाइट वीएस-347 से लंदन की यात्रा की थी.

एयरपोर्ट पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर ली थी और फिर कथित तौर पर अपना बोर्डिंग पास और वीजा अपने दोस्त को सौंप दिया, जिससे उसका दोस्त लंदन जाने वाली फ्लाइट में सवार हो गया.

धोखाधड़ी का पता चलने के बाद, आरोपी ने कथित तौर पर अपने लिए एक और टिकट बुक करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों को संदेह हुआ.

रिकॉर्ड में दूसरे यात्री की पहचान हुई

शिकायत में इंडिगो एयरलाइंस से मिली जानकारी का भी हवाला दिया गया है कि श्रीलंकाई नागरिक शरुशन कुनासेकरन (पासपोर्ट P0718327) को 18 जनवरी को इंडिगो की फ्लाइट 6E-1009 से सिंगापुर जाना था, लेकिन वह विमान में नहीं चढ़ा और SHA क्षेत्र में उसका पता नहीं चला.  जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यही वह व्यक्ति था, जिसने अंततः राजगोपाल से जुड़े बोर्डिंग पास का उपयोग करके ब्रिटेन की यात्रा की.

जांच जारी है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि दूसरे यात्री ने जांच को कैसे दरकिनार किया, क्या किसी प्रक्रियात्मक खामी का फायदा उठाया गया और क्या इसमें कोई व्यापक नेटवर्क शामिल था. जांचकर्ता ब्रिटेन में शरणार्थी का दर्जा हासिल करने के संभावित मकसद की भी पड़ताल कर रहे हैं, हालांकि यह अभी भी जांच का एक पहलू है. बीआईएएल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है.

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