मार्शल लॉ लगाने वाले साउथ कोरिया के बदनाम पूर्व राष्ट्रपति को मिली 5 साल जेल की सजा

South Korean ex-leader jailed: पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने 3 दिसंबर, 2024 को साउथ कोरिया में नागरिक शासन को हटाकर मार्शल लॉ लगा दिया था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ और संसद में हंगामा हुआ.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
साउथ कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल को 5 साल की जेल (फाइल फोटो)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • साउथ कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल को मार्शल लॉ लगाने, न्याय में बाधा डालने के लिए 5 साल जेल की सजा
  • यूं सुक येओल ने दिसंबर 2024 में नागरिक शासन समाप्त कर मार्शल लॉ लागू किया था
  • जज ने कहा कि राष्ट्रपति का कर्तव्य संविधान और कानून का पालन करना होता है, जबकि यूं ने इसका उल्लंघन किया था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

साउथ कोरिया में मार्शल लॉ लगाने वाले पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल को पांच साल जेल की सजा सुना दी गई है. साउथ कोरिया के एक जज ने शुक्रवार, 16 जनवरी को पूर्व राष्ट्रपति को न्याय में बाधा डालने के साथ-साथ उनके द्वारा की गई मार्शल लॉ घोषणा और उसकी वजह से हुई अराजकता से जुड़े अन्य अपराधों के लिए यह सजा सुनाई. यह यूं सुक येओल पर दायर हुए कुल मामलों में आने वाले फैसलों की सीरिज में पहली सजा है. पूर्व राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने 3 दिसंबर, 2024 को साउथ कोरिया में नागरिक शासन को हटाकर मार्शल लॉ लगा दिया था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ और संसद में हंगामा हुआ.

अब सत्ता से बेदखल होने के बाद, उन्हें मॉर्शल लॉ के दौरान और उसके बाद हुई उथल-पुथल के दौरान किए गए कामों के लिए कई मामलों का सामना करना पड़ रहा है. शुक्रवार को सियोल के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज बाक डे-ह्यून ने कहा कि उन्होंने यून को जांचकर्ताओं को हिरासत में लेने से रोककर न्याय में बाधा डालने का दोषी पाया है. यून को मार्शल लॉ लागू करने की योजना वाली बैठक से कैबिनेट सदस्यों को बाहर करने का भी दोषी पाया गया है.

न्यूज एजेंसी एएफफी की रिपोर्ट के अनुसार जज बेक ने कहा, "राष्ट्रपति के रूप में संविधान को बनाए रखने और कानून के शासन का पालन करने का कर्तव्य होता है लेकिन प्रतिवादी (यूं सुक येओल) ने इसके बजाय एक ऐसा रवैया अपनाया जो संविधान की अवहेलना करता है."

उन्होंने कहा, ''प्रतिवादी का दोष बेहद गंभीर है." हालांकि जज ने सबूतों के अभाव में यून आधिकारिक दस्तावेजों में जालसाजी करने का दोषी नहीं पाया है. जज ने कहा कि यून के पास फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए सात दिन हैं. बता दें कि सरकारी वकीलों (अभियोजकों) ने पूर्व राष्ट्रपति के लिए 10 साल की जेल की सजा की मांग की थी, जबकि यूं ने जोर देकर कहा था कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: साउथ कोरिया में क्यों घोषित किया गया था 'मार्शल लॉ', क्या है इसका मतलब?

Featured Video Of The Day
West Bengal Elections 2026: बंगाल में किसके साथ महिला वोटर? Women Reservation Bill 2026
Topics mentioned in this article