दुनिया में एक अजीब लेकिन दिलचस्प “देश” मौजूद है, जहां न तो आम नियम चलते हैं और न ही आम सोच. यहां चप्पल जैसे क्रॉक्स पहनना मना है, “reply-all” ईमेल भेजना गैरकानूनी है, और तेज गाड़ी चलाना सिर्फ तब सही है जब आप टाकोज लेकर घर जा रहे हों. कमाल की बात है कि यह "देश" अमेरिका देश के अंदर ही मौजूद है. इस अनोखे देश का नाम है “रिपब्लिक ऑफ स्लोजैमस्तान”, जिसे एक रेडियो होस्ट ने बनाया है. हैरानी की बात यह है कि इस नकली देश के 25,000 से ज्यादा “नागरिक” भी हैं. यह जगह मजाक और हकीकत का ऐसा मेल है, जो लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है.
स्लोजैमस्तान में आपका स्वागत है
अमेरिका के कैलिफोर्निया की कोचेला वैली के खजूर के खेतों और मैक्सिको सीमा के बीच एक बड़ा रेगिस्तानी इलाका फैला हुआ है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार यह सूखा इलाका दूर-दूर तक फैला है, जहां छोटे-छोटे झाड़ और पतली टहनियां नजर आती हैं. हवा में कीड़ों की लगातार आवाज गूंजती रहती हैय और दूर चमकती हुई जगह पर एक पनडुब्बी भी दिखती है. यही है “रिपब्लिक ऑफ स्लोजैमस्तान”, दुनिया का सबसे नया माइक्रोनेशन (छोटा देश). यह करीब 11 एकड़ में फैला है. आमतौर पर लोग इस जगह को बिना ध्यान दिए निकल जाते हैं, लेकिन अंदर कदम रखते ही आपको लगता है जैसे असली दुनिया पीछे छूट गई हो. इस “देश” में क्रॉक्स पहनना संविधान के खिलाफ है. “reply-all” ईमेल भेजना कानूनन मना है. तेज गाड़ी चलाना मंजूर है, लेकिन सिर्फ तब जब आप टाकोज लेकर घर जा रहे हों. यहां का राष्ट्रीय जानवर रैकून है.
स्लोजैमस्तान को बसाने के पीछे हैं रैंडी विलियम्स, जिन्हें “सुल्तान ऑफ स्लोजैमस्तान” भी कहा जाता है. वह सैन डिएगो के Z90 और मैजिक 92.5 रेडियो स्टेशनों में प्रोग्राम डायरेक्टर के तौर पर काम करते हैं और “आर डब” नाम से जाने जाते हैं. 1994 से वह “संडे नाइट स्लो जैम्स” नाम का रेडियो शो भी होस्ट कर रहे हैं, जो अब दुनिया के 250 से ज्यादा स्टेशनों पर चलता है. उनके इस “देश” में कुछ पद पैसे देकर मिलते हैं (जैसे एम्बेसडर बनने के लिए हर महीने 10 से 25 डॉलर देने पड़ते हैं), लेकिन यहां नागरिक बनना बिल्कुल मुफ्त है. इस माइक्रोनेशन में 120 देशों से 25,000 लोग खुद को नागरिक बता चुके हैं, जो कुछ असली देशों जैसे वेटिकन सिटी, तुवालू और पलाऊ से भी ज्यादा है.
बता दें कि दुनिया भर में ऐसे सैकड़ों माइक्रोनेशन मौजूद हैं. कुछ समुद्र के बीच में हैं, तो कुछ शांत शहरों में बसे हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अगले साल स्लोजैमस्तान में “माइक्रोकॉन 2027” नाम का एक बड़ा आयोजन होगा, जिसमें 43 से ज्यादा ऐसे ही खुद को देश कहने वाले समूह शामिल होंगे, जैसे बॉम्बर रिपब्लिक और ड्रैगन आइल.
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