अब उल्टा रूस भारत से खरीदेगा पेट्रोल, यूक्रेन हमलों ने पैदा किया तेल संकट - रिपोर्ट

भारत ने जून में रूस से रोजाना करीब 27 लाख बैरल कच्चे तेल का आयात किया. शिपिंग डेटा (Kpler और LSEG) के अनुसार, जून महीने में भारत के कुल तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी आधी से अधिक (50% से ज्यादा) हो गई, जो मई में 36.5% थी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

रूस के कई तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमलों के बाद अब देश में तेल की किल्लत हो गई है. इस बीच खबर आ रही है कि रूस ने भारत से पेट्रोल आयात करना शुरू कर दिया है. रूस के 11 टाइम जोन में फ्यूल की कमी महसूस की जा रही है. देश में राशनिंग हो रही है, पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें लग रही हैं और पेट्रोल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है. 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूस भारत से समंदर के रास्ते पेट्रोल की आयात शुरू कर चुका है. क्रेमलिन ने मंगलवार को कहा कि रूस दूसरे देशों के संपर्क में है और सही कीमतों पर फ्यूल के इम्पोर्ट पर चर्चा कर रहा है.

भारत से रवाना हुए दो बड़े जहाज़ी बेड़े

सूत्रों के मुताबिक, भारत से कम से कम 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल रूस के लिए रवाना किया जा चुका है. एक अन्य सूत्र ने पुष्टि की है कि 30,000 से 40,000 टन क्षमता वाले दो अलग-अलग टैंकर (जहाज) भारत से रूस भेजे गए हैं. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि भारत की कौन सी रिफाइनरी कंपनी रूस को इस ईंधन की सप्लाई कर रही है.

एक तीसरे सूत्र ने बताया कि रूस की योजना हर महीने अलग-अलग देशों से कुल 400,000 टन पेट्रोल आयात करने की है. इसमें रूस का पड़ोसी देश बेलारूस भी शामिल है, जिसने पहले ही रूस को ईंधन का निर्यात करना शुरू कर दिया है. रूस में गर्मियों के मौसम में ईंधन की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जहां रोजाना कम से कम 110,000 टन पेट्रोल की खपत होती है.

Advertisement

पुतिन ने कबूली ड्रोन हमलों की बात, बेलारूस से भी मांगी मदद

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कैबिनेट मंत्रियों और अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में यह स्वीकार किया कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण देश की तेल रिफाइनरियों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसकी वजह से कुछ क्षेत्रों में ईंधन की किल्लत हुई है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि रूस इस संकट से मुस्तैदी से निपट रहा है.

इस संकट के बीच बेलारूस ने रूस की बड़ी मदद की है. आंकड़ों के मुताबिक, बेलारूस ने जून के पहले पखवाड़े (15 दिनों) में रेलवे के जरिए रूस को भेजी जाने वाली पेट्रोल सप्लाई को मई के मुकाबले लगभग तीन गुना बढ़ा दिया है, जो अब 70,000 टन से ज्यादा हो चुकी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: दुनिया का सबसे ज़्यादा रेमिटेंस पाने वाला देश बना भारत, साल 2026 में प्रवासी भारतीयों ने भेजे 16 बिलियन डॉलर

Featured Video Of The Day
अखिलेश के जन्मदिन पर सपा का शक्ति प्रदर्शन!
Topics mentioned in this article
Russia
Oil Import
India