- पाकिस्तान में मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 % वृद्धि की गई है
- पेट्रोल की कीमतें 321 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 280 रुपये से 335 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं
- पाकिस्तानी सरकार ने वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए यह ऐतिहासिक वृद्धि का निर्णय लिया है
मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से पाकिस्तान में तेल की कीमतों में आग लग गई है. एक झटके में दाम 55 रुपये बढ़ा दिए गए हैं. इससे सबसे ज्यादा परेशानी रिटेल में पेट्रोल-डीजल खरीदने वालों को उठानी पड़ रही है. ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से उनकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ रहा है. दरअसल पाकिस्तान ने रिटेल फ्यूल की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है. इसका खामियाजा अब रिटेल फ्यूल खरीदने वालों को भुगतना पड़ेगा. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत पहले 266.17 रुपये थी, जो अब बढ़कर 321.17 रुपये (105.62) प्रति लीटर हो गई है. वहीं हाई स्पीड डीजल 280.86 रुपये बेचा जा रहा था, जो अब बढ़कर 335.86 (110) रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. भारत की तुलना में ये कीमतें तीन गुना से ज्यादा हैं. दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये बेचा जा रहा है.
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पाकिस्तान में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं. पाकिस्तान ने शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल की कंज्यूम कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की. पाक पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने टीवी पर एक वीडियो जारी कर रिटेल फ्यूल कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की जानकारी आवाम को दी. उन्होंने बताया कि पेट्रोल की कीमत 335.86 रुपये और डीजल की कीमत 321.17 रुपये हो गई है. इसमें 55 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
मिडिल ईस्ट टेंशन से पाकिस्तान में हाहाकार
अली परवेज़ ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने ये फैसला मजबूरी के चलते लिया है. दरअसल वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर उन पर भी पड़ा है.पाकिस्तान पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है. मिडिल ईस्ट टेंशन ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है. महंगाई बढ़ने से गरीब आवाम को इससे जूझना होगा.
लाहौर-कराची के पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें
बता दें कि सरकार की तरफ से फ्यूल के रेट बढ़ाए जाने के ऐलान से पहले लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. दरअसल लोगों को इस बात का अंदाजा पहले से ही था कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसीलिए वह अपने-अपने वाहनों की टंकी पहले से ही फुल कराने लगे थे. पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि वे तेल की कमी और महंगाई बढ़ने से पहले से ही तैयार रहना चाहते हैं.
मिडिल ईस्ट संकट से खौफ में पाकिस्तान
पाकिस्तान में तेल की कीमतें बढ़ने से हाहाकार मचा हुआ है. पीएम शहबाज शरीफ ने लोगों को फ्यूल की जमाखोरी के खिलाफ पहले ही चेतावनी दे दी है. उन्होंने साफ-साफ कहा दिया है कि ऐसा करने वालों को सजा दी जाएगी. हालांकि सरकार कह रही है कि उनके पास पर्याप्त पेट्रोल है. लेकिन वह चाहती है कि फ्यूल का इस्तेमाल ज्यादा समय तक किया जा सके. क्यों कि मिडिल ईस्ट का संकट कब तक चलेगा, ये नहीं पता. तेल मंत्री ने ये भी कहा है कि फ्यूल की कीमतों का पुनर्मूल्यांकन साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा.













