'सत्ता परिवर्तन ही ईरान के लिए सबसे अच्छा होगा', ट्रंप ने खामेनेई को फिर दे डाली धमकी, दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी चीज होगी. बता दें कि अमेरिका तेहरान पर सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है. ट्रंप ने फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मिलने के बाद पुष्टि की कि दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप - USS Gerald R. Ford अब मिडिल ईस्ट में भेजा जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को सबसे अच्छा कदम बताते हुए इस्लामी शासन हटाने की वकालत की है.
  • अमेरिका मिडिल ईस्ट में दूसरा विमानवाहक पोत फोर्ड तैनात कर रहा है.
  • अमेरिकी प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन ही सबसे अच्छा कदम होगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रशासन तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

नॉर्थ कैरोलाइना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि इस्लामी धार्मिक शासन को हटाने का विचार बेहद सकारात्मक होगा। उन्होंने कहा, 47 साल से वे सिर्फ बातें ही कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि सत्ता परिवर्तन ही सबसे अच्छा हो सकता है.

दूसरे एयरक्राफ्ट को भेजने की तैयारी में अमेरिका

इससे पहले दिन में ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में एक दूसरा विमानवाहक पोत (aircraft carrier) समूह तैनात कर रहा है. इसके तहत दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड कैरिबियाई सागर से रवाना होकर मध्य पूर्व पहुंचेगा, जहां वह पहले से मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य संसाधनों के साथ जुड़ेगा.

ट्रंप ने कहा, 'अगर हम कोई समझौता नहीं कर पाते, तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी. यह बहुत जल्द रवाना होगा.'

यह तैनाती ऐसे वक्त हो रही है जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के साथ नए दौर की बातचीत की संभावना जताई थी. हालांकि, वे वार्ताएं आगे नहीं बढ़ सकीं. इसी बीच ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने ओमान और कतर का दौरा कर अमेरिकी मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान किया.

मिडिल ईस्ट में नई जंग की तैयारी

खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि ईरान पर किसी भी हमले से मध्य पूर्व में एक और क्षेत्रीय संघर्ष भड़क सकता है. यह इलाका पहले ही गाजा पट्टी में इज़राइल-हमास युद्ध से उबरने की कोशिश कर रहा है. वहीं, ईरान में पिछले महीने हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के दौरान मारे गए हजारों लोगों की 40वीं की रस्में शुरू हो रही हैं, जिससे प्रतिबंधों से जूझ रहे ईरानी शासन पर घरेलू दबाव और बढ़ गया है.

अमेरिकी बलों ने ईरान के ड्रोन को किया ढेर

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूएसएस फोर्ड मध्य पूर्व में पहले से तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ मौजूद गाइडेड मिसाइल विध्वंसकों के साथ शामिल होगा. बीते सप्ताह अमेरिकी बलों ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया था, जो लिंकन के करीब आ गया था. उसी दिन ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी ध्वज वाले एक जहाज को रोकने की कोशिश भी की थी.

Advertisement

बता दें कि यूएसएस फोर्ड की यह तैनाती तेजी से की जा रही है. पिछले अक्टूबर में ट्रंप प्रशासन ने इसे भूमध्य सागर से कैरिबियाई क्षेत्र में भेजा था, जब वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी चल रही थी. यह कदम प्रशासन की उस राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति से भी अलग माना जा रहा है, जिसमें पश्चिमी गोलार्ध को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी.

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Vande Mataram पर सवाल क्या पूछा, शराब और हराम तक पहुंच गए Waris Pathan!