इंडोनेशिया के जंगल में घटी अनोखी घटना, इस जानवर ने रस्सी के पुल से पार की सड़क

कैमरा ट्रैप से बनाए गए इस वीडियो में एक नर ओरंगुटान को उत्तर सुमात्रा के पाकपाक भारत इलाके में लगान–पगिंदर सड़क के ऊपर बने रस्सी के पुल पर धीरे-धीरे चलते हुआ नजर आया.

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नई दिल्ली:

इंडोनेशिया के सुमात्रा में एक अनोखी घटना घटी. वहां के पाकपाक भारत इलाके में एक ओरंगुटान इंसानों द्वारा बनाए गए पेड़ों के ऊपर बने पुल (कैनोपी ब्रिज) के सहारे सड़क पार करता हुए नजर आया. अपने तरह की पहली घटना कैमरे में कैद हो गई. ओरंगुटान के इस व्यवहार को एक बड़ी संरक्षण उपलब्धि माना जा रहा है. इससे पता चलता है कि विकास के काम जंगल के जीवन को पूरी तरह खत्म किए बिना भी हो सकते हैं. 

इंडोनेशिया में ओरंगुटान ने पुल से कहां पार की सड़क

कैमरा ट्रैप से बनाए गए इस वीडियो में एक नर ओरंगुटान को उत्तर सुमात्रा के पाकपाक भारत इलाके में लगान–पगिंदर सड़क के ऊपर बने रस्सी के पुल पर धीरे-धीरे चलते हुआ नजर आया. सड़क के बीच में पहुंचकर वह थोड़ी देर रुकता है. लगता है कि वह आसपास के नज़ारे को अपनी आंखों में कैद कर रहा हो. इसके बाद वह कैमरे की ओर देखता है और आगे बढ़ जाता है.

ओरंगुटान संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि वे बहुत लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे. करीब 10 मीटर लंबा यह पुल ब्रिटिश संगठन सुमात्रा ओरंगुटान सोसाइटी और इंडोनेशिया के संगठन ठांगु हुटान खाटूलिस्टावा ने  स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर 2024 में बनवाया था. इस इलाके में इस तरह के कुल पांच पुल बनाए गए हैं. इसका मकसद जंगल के बीच में सड़क बनने से अलग हो चुके जंगल के हिस्सों को आपस में जोड़ना है.

जंगल में क्यों बनाने पड़े रस्सियों से बने पुल

जंगल में सड़क बनने से दूर-दराज के इलाकों के लोगों को स्कूल, अस्पताल और जरूरी सेवाओं तक पहुंच बनाने में आसानी तो हुई है. लेकिन यह सड़क करीब 350 ओरंगुटानों की आबादी अलग-अलग जंगलों में बंट गई है. इससे उनके बीच आपसी प्रजनन (इनब्रीडिंग) का खतरा बढ़ गया है. इससे भविष्य में उनकी संख्या कम होने की आशंका है. 

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जंगल में बनाए गए इन पुलों से पेड़ों पर रहने वाले अन्य गिब्बन, लंगूर और लंबी पूंछ वाले मकाक जैसे जानवर भी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन माना जा रहा है कि सुमात्रा ओरंगुटान द्वारा इस पुल के इस्तेमाल की यह पहली घटना है.जंगल में जितने पुल बने हैं, उनमें से हर एक को बनाने के लिए करीब 200 मीटर रस्सी का इस्तेमाल हुआ है. जिस इलाके में ये पुल बनाए गए हैं, वह पहले ओरंगुटान का प्राकृतिक आवास था. लेकिन समय के साथ जंगल खत्म हो रहे हैं. वहां के जंगलों को खेती और पॉम के प्लांटेशन के लिए बदला जा रहा है. 

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