- ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण परमाणु संस्थानों पर हमला किया है
- प्रधानमंत्री मोदी ने इन हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया और ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की है
- नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र पर हमला हुआ लेकिन कोई रेडियोधर्मी रिसाव या नागरिकों को खतरा नहीं बताया गया है
ईरान-इजरायल के बीच जारी युद्ध हर बीतते दिन के साथ और बड़ा रूप लेता दिख रहा है. जहां एक तरफ अमेरिका और इजरायल, ईरान पर लगातार हमला कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ईरान भी इजरायल के अलग-अलग शहरों के साथ-साथ खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. युद्ध के दौरान शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने ईरान के क्रिटिकल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और उसके परमाणु फैसिलिटी पर हमला किया है. भारत ने इन हमलों को निंदा की है. पीएम मोदी ने इन हमलो को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने वाला बताया है. उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की उन्हें ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएं भी दीं.
इस बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि हमनें उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा.क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं.नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें. ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की.
ईरान पर शुक्रवार को भी किया गया था बड़ा हमला
आपको बता दें कि ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र को निशाना बनाया गया. समाचार एजेंसी ने बताया कि हालांकि इसमें कोई रेडियो एक्टिव लीक नहीं हुआ है और संयंत्र के आसपास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है.यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहे हैं. जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका इस क्षेत्र में तीन और हमलावर जहाज और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन भेज रहा है.तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर (135 मील) दक्षिण-पूर्व में स्थित नतांज संयंत्र जून 2025 में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12 दिन के जंग में भी मुख्य लक्ष्यों में से एक था, जिसमें अमेरिका भी बाद में शामिल हो गया था, और मौजूदा लड़ाई के दौरान भी इसे निशाना बनाया गया है.
ईरान ने भी जारी की है चेतावनी
इजरायल और अमेरिका के हमलों के बीच ईरान भी पलटवार कर रहा है. ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता, जनरल अबोलफजल शेखरची ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि दुनिया भर के "पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल" देश के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे. इस धमकी ने इस चिंता को फिर से बढ़ा दिया है कि तेहरान मध्य पूर्व से बाहर भी आतंकवादी हमलों का सहारा लेकर दबाव बनाने की रणनीति अपना सकता है.
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