पाकिस्तान के पेट्रोलियम उद्योग पर गंभीर संकट के बादल, तेल कंपनियों ने किया आगाह

पाकिस्तानी रुपया अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐतिहासिक गिरावट के साथ 276.58 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
बेलआउट को फिर से शुरू करने के लिए आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने कई शर्तें रखी हैं.
इस्लामाबाद:

पाकिस्तान में तेल कंपनियों ने आगाह किया है कि देश में डॉलर की कमी तथा रुपये के मूल्य में गिरावट से व्यापार लागत बढ़ने के कारण पेट्रोलियम उद्योग खत्म होने के कगार पर है. समाचार चैनल जिओ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मांग पूरी करने के उद्देश्य से सरकार ने डॉलर पर लगी सीमा हटा दी. इससे पाकिस्तानी रुपया अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐतिहासिक गिरावट के साथ 276.58 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

आईएमएफ ने राहत पैकेज बहाल करने के लिए कई शर्तें लागू की हैं, जिनमें स्थानीय मुद्रा के लिए बाजार-निर्धारित विनिमय दर और ईंधन सब्सिडी को सरल करना आदि शामिल हैं. सरकार दोनों शर्तें पहले ही मान चुकी है.

तेल कंपनी सलाहकार परिषद (OCAC) ने तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) और ऊर्जा मंत्रालय को भेजे एक पत्र में कहा कि रुपये की विनिमय दर में गिरावट के कारण उद्योग को अरबों रुपये का घाटा हुआ है क्योंकि उनके साख पत्र (LC) के लिए नई दर तय होने की संभावना है.

सरकार ने विदेशी पूंजी भंडार घटने के कारण साख पत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए है. विदेशी पूंजी भंडार 27 जनवरी के आंकड़ों के अनुसार 308.62 करोड़ डॉलर रह गया था, जो सिर्फ 18 दिन के आयात के लिए पर्याप्त है.

Featured Video Of The Day
Bangladesh Hindus Attacked: पहले बेरहमी से पीटा फिर जहर खिलाया, बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या!
Topics mentioned in this article