- बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी ने ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 के तहत पाकिस्तान सेना के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया है
- महिला फिदायीन हवा बलोच ने ग्वादर फ्रंट पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमला करते हुए आखिरी संदेश जारी किया
- हवा बलोच ने वीडियो में कहा कि बलूच देश को जागने और दुश्मन के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता है
पाकिस्तान से आजादी की लड़ाई लड़ते बलूचिस्तान में फिर से बड़े पैमाने पर खून-खराबा हो रहा है. यहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान सेना के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रखा है, जिसने उसे ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 नाम दिया है. इस बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हमले में शामिल एक महिला फिदायीन (सुसाइड अटैकर) का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो क्लिप में जो महिला फिदायीन नजर आ रही है, उसकी पहचान हवा बलोच के रूप में की गई है. वीडियो में उसे पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों पर गोली चलाते हुए देखा गया जा रहा है.
विद्रोही समूह ने वीडियो के साथ एक मैसेज लिखा है, "ग्वादर फ्रंट पर ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के दौरान, फिदायीन हवा बलोच ने साथी फिदायिनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निस्वार्थ भाव से लड़ाई लड़ी. यह उसका आखिरी पैगाम था, जो उसकी मौत से बारह घंटे पहले भेजा गया था." यह वीडियो देर रात या तड़के सुबह किसी फोन कैमरे से शूट किया गया प्रतीत होता है. यह एक बलूच विद्रोही महिला के जीवन के आखिरी कुछ घंटों को दिखाता है, जिसने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ते-लड़ते जान गंवा दी है.
"आज तुम्हारी एक बहन पंजाबी सेना..."
हवा बलोच कैमरे पर कहते सुनाई दे रहे है कि "बलूच देश, आज तुम्हारी एक बहन पंजाबी सेना का सामना कर रही है. अब आप लोगों को साहस के साथ आना चाहिए. हमारे लिए कोई और रास्ता नहीं बचा है."
वीडियो में हवा बलोच ने लाल और नीले रंग का कुर्ता और BLA लोगो वाली बेसबॉल टोपी पहन रखी है. वो वीडियो में कह रही है, "पाकिस्तान डर के कारण आगे नहीं आ रहा है. पाकिस्तान हमारा सामना नहीं कर सकता. आज खुशी का दिन है. आज हम दुश्मन का सामना कर रहे हैं. आज, हम दुश्मन को दिखा देंगे कि बलूच माताओं और बहनों को न तो अकेला छोड़ा गया था और न ही छोड़ा जाएगा."
जब दूसरे हमलावर ने उससे पूछा कि जंग कैसा जा रहा है, तब हवा बलोच ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "युद्ध मजेदार है." दूसरा हमलावर हवा बलोच को उसके कॉल साइन, "ड्रोशुम" कहकर बुलाता है. बलोच ने कैमरे की ओर देखते हुए कहा, "हम बस दुश्मन का इंतजार कर रहे हैं. दुश्मन कहीं दिख नहीं रहा है. दुश्मन कायर है. वे बस दूर से गोलीबारी कर रहे हैं, और उनमें आगे आने की हिम्मत नहीं है. आओ, आओ, आज हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं. आज तुम्हारा सामना बलूच महिला स्वतंत्रता सेनानियों से होगा. आज तुमको पता चलेगा कि बलूच महिलाओं का सामना करना कितना कठिन है."
फिदायीन महिला ने बलूचिस्तान को दिए अपने आखिरी मैसेज में कहा, "बलूच देश को जागने की जरूरत है. हमें बलूच सरदारों (लड़ाकों) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए. दुश्मन के दिन गिने-चुने रह गए हैं. उनके पास उतनी ताकत नहीं है. बलूच देश को समझना होगा कि दुश्मन के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता. देखिए, आज हमारे लड़ाके अपने जीवन का बलिदान दे रहे हैं. खुद को टुकड़ों में उड़ा रहे हैं, फिर भी कुछ लोग चंद पैसों के लिए उनके लिए जासूसी कर रहे हैं."
वीडियो के आखिर में दिखता है कि हवा बलोच की खून से सनी लाश और एक अन्य लड़ाके की लाश के साथ धूल में पड़ी हुई है.
कौन थी हवा बलोच?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हवा बलोच एक जेन जी महिला है, जिसके पिता बलूच लिबरेशन आर्मी में सेनानी थे. उन्हें 2021 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मार डाला था. हवा बलोच ने कथित तौर पर विद्रोह में शामिल होने से पहले औपचारिक तौर पर शिक्षा भी प्राप्त की थी. यह बात दशकों से चले आ रहे बलूच अलगाववादी आंदोलन में भाग लेने वाले युवा, शिक्षित युवाओं की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है.
हवा बलोच का 'ड्रोशुम' नाम मिला हुआ था
बलूच आर्मी ने अपनी एक और फिदायीन हमलावर आसिफा मेंगल की भी जानकारी दी है जिसकी उम्र महज 24 साल की थी. बलूच आर्मी ने अपने बयान में बताया कि आसिफा मेंगल ने 31 जनवरी 2026 को नोशकी में ISI मुख्यालय को निशाना बनाते हुए एक VBIED ऑपरेशन को अंजाम दिया. VBIED का अर्थ Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण) है. इसे आम भाषा में "कार बम" या "ट्रक बम" भी कहा जाता है. आसिफा भी अब मर चुकी है.
हवा बलोच और आसिफा मेंगल
बलूचिस्तान में जारी खूनी जंग
बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसके हमले बलूचिस्तान के कई जिलों में 40 घंटे से अधिक समय से जारी हैं. BLA का दावा है कि पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक कर्मी मारे गए हैं, और कम से कम 17 व्यक्तियों को पकड़ लिया गया है. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की सरकार ने दावा किया है कि सेना के जवाबी हमले में BLA के 145 विद्रोही मारे गए हैं और केवल 17 सैनिक मारे गए हैं.
बता दें कि बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है लेकिन आबादी यहां सबसे कम है. पाकिस्तान की सरकार ने इसे राजनीतिक रूप से हाशिए पर रखा है और इसके प्राकृतिक संसाधनों पर सेना ने जरिए नियंत्रण रखा है. बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे विद्रोही गुट अधिक स्वायत्तता या आजादी की मांग करते हैं. BLA यहां के सभी विद्रोही समूहों में सबसे प्रमुख है और इसे पाकिस्तान और कई अन्य देशों द्वारा आतंकवादी संगठन नामित किया गया है. भले पाकिस्तान ने BLA के खिलाफ अक्सर सैन्य कार्रवाई शुरू की है, लेकिन बलूच विद्रोहियों को नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त है.













