एक तरफ शांति वार्ता दूसरी तरफ बम-बारूद! पाकिस्‍तान ने अफगानिस्‍तान बॉर्डर को फिर बनाया निशाना 

अस्थायी युद्धविराम अभी भी जारी है हालांकि सोशल मीडिया और दोनों पक्षों के अधिकारियों के बयानों में आपसी कटुता साफ दिखाई दे रही है. इस्तांबुल वार्ता विफलता की ओर बढ़ रही थी.

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  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान तालिबान के बीच आतंकवाद और तनाव कम करने के लिए वार्ता फिर शुरू हुई है.
  • वार्ता के दौरान पाकिस्तान ने युद्धविराम को तोड़ कर गोलीबारी की और तनाव बढ़ाया है.
  • पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने वार्ता से पहले तालिबान को युद्ध की धमकी दी थी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
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इस्‍लामाबाद:

गुरुवार को पाकिस्तान और अफगानिस्‍तान तालिबान के बीच इस्तांबुल में शांति वार्ता फिर से शुरू हो गई है. यूं तो इस वार्ता का मकसद सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे से निपटना और दोनों पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ने से रोकना है. लेकिन हर बार की तरह पाकिस्‍तान ने एक बार फिर वार्ता के दौरान अफगानिस्‍तान बॉर्डर पर युद्धविराम को तोड़ा है. आपको बता दें कि इस वार्ता से पहले पाकिस्‍तान के रक्षा मंत्री ख्‍वाजा आसिफ ने अफगानिस्‍तान को युद्ध की धमकी दी है. 

पाकिस्‍तान ने तोड़ा युद्धविराम 

ताजा जानकारी के अनुसार पाकिस्‍तान ने स्पिन बोल्डक में अफगान-पाक बॉर्डर पर युद्धविराम को तोड़ा है. अफगान तालिबान के सरकारी प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, 'पाकिस्तानी पक्ष के साथ तीसरे दौर की बातचीत इस्तांबुल शहर में शुरू हो गई है, लेकिन दुर्भाग्य से, आज दोपहर पाकिस्तानी सेना ने कंधार के स्पिन बोल्डक जिले में एक बार फिर गोलीबारी की, जिससे लोगों में चिंता पैदा हो गई है. पाकिस्‍तान ने वार्ता दल के सम्मान और नागरिक हताहतों को रोकने के लिए अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई है. यह याद रखना जरूरी है कि पिछले दौर की बातचीत में भी संघर्ष विराम बढ़ाने और आक्रामकता को रोकने पर सहमति बनी थी.' 

25 अक्‍टूबर को था आखिरी दौर 

दोनों के बीच 11 अक्टूबर को बॉर्डर पर जबरदस्‍त झड़प हुई थी. इसमें दोनों तरफ से काफी लोग घायल हुए. पाकिस्तान ने दावा किया कि कम से कम 206 अफगान तालिबान और 110 तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकी मारे गए, जबकि पाकिस्तान के 23 सैनिक हताहत हुए. दोनों पक्षों के बीच 15 अक्टूबर को युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसे 19 अक्टूबर को दोहा और 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में हुई दो दौर की वार्ताओं के दौरान बढ़ाया गया था. 

सोशल मीडिया पर जारी युद्ध 

अस्थायी युद्धविराम अभी भी जारी है हालांकि सोशल मीडिया और दोनों पक्षों के अधिकारियों के बयानों में आपसी कटुता साफ दिखाई दे रही है. इस्तांबुल वार्ता विफलता की ओर बढ़ रही थी, लेकिन तुर्किये ने स्थिति को संभाल लिया और एक और दौर की वार्ता पर सहमति बनी. इसके लिए दोनों देशों के अधिकारी बुधवार को इस्तांबुल पहुंच गए हैं.जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और अफगान तालिबान शासन ने आज इस्तांबुल में तीसरे दौर की वार्ता शुरू की. 
 

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