- पाकिस्तान 2025 में दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित देश था, जहां PM2.5 स्तर WHO मानक से लगभग तेरह गुना अधिक था
- IQAir की रिपोर्ट में कुल 143 देशों में से 130 देश WHO के प्रदूषण मानकों को पूरा करने में असफल पाए गए
- भारत का लोनी शहर 2025 में दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां PM2.5 स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था
पाकिस्तान पिछले साल 2025 में दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला देश था. मंगलवार, 24 मार्च को जारी एक रिसर्च के अनुसार, यहां खतरनाक छोटे कणों PM2.5 की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय सुरक्षित स्तर से लगभग 13 गुना ज्यादा पाई गई. सबसे ज्यादा प्रदूषित देशों की सूची में बांग्लादेश दूसरे और ताजिकिस्तान तीसरे स्थान पर रहे। इस सूची में भारत छठे स्थान पर है. स्विट्जरलैंड की वायु गुणवत्ता निगरानी कंपनी IQAir ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल 13 देशों और क्षेत्रों में औसत PM2.5 स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानक- प्रति घन मीटर 5 माइक्रोग्राम से कम- पर बना रहा. 2024 में ऐसे देशों और क्षेत्रों की संख्या सात थी.
रिपोर्ट में क्या पता चला है?
रिपोर्ट के अनुसार कुल मिलाकर 143 में से 130 निगरानी किए गए देश और क्षेत्र विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों को पूरा करने में विफल रहे हैं. 2024 में सांख्यिकीय रूप से सबसे ज्यादा प्रदूषण (स्मॉग) वाला देश चाड 2025 में चौथे स्थान पर रहा, लेकिन पिछले साल PM2.5 के स्तर में गिरावट संभवतः आंकड़ों की कमी के कारण हो सकती है.
अमेरिका के इस फैसले से कई स्मॉग-प्रभावित देशों के लिए मुख्य आंकड़ा स्रोत खत्म हो गया, और जानकारी की कमी के कारण बुरुंडी, तुर्कमेनिस्तान और टोगो को 2025 की रिपोर्ट से बाहर कर दिया गया.
सबसे प्रदूषित शहर भारत, पाकिस्तान और चीन में मौजूद
भारत का लोनी 2025 में दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा, जहां औसत PM2.5 स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था. इसके बाद चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग के होतान शहर का स्थान रहा, जहां यह स्तर 109.6 माइक्रोग्राम था. दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित 25 शहर भारत, पाकिस्तान और चीन में ही थे.
2025 में दुनिया के केवल 14 प्रतिशत शहर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक पर खरे उतरे, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 17 प्रतिशत का था. कनाडा में लगी जंगल की आग के कारण अमेरिका और यहां तक कि यूरोप तक PM2.5 स्तर बढ़ गया.
2025 में जिन देशों ने यह मानक पूरा किया उनमें ऑस्ट्रेलिया, आइसलैंड, एस्टोनिया और पनामा शामिल हैं. लाओस, कंबोडिया और इंडोनेशिया में पिछले साल की तुलना में PM2.5 स्तर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण ज्यादा बारिश और तेज हवाओं वाला ला नीना मौसम रहा. मंगोलिया में औसत PM2.5 स्तर 31 प्रतिशत गिरकर 17.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया. IQAir के अनुसार, कुल मिलाकर 75 देशों में 2025 में PM2.5 स्तर पिछले साल की तुलना में कम दर्ज किया गया, जबकि 54 देशों में औसत स्तर ज्यादा पाया गया.













