तेल के जखीरे और रेयर अर्थ मैटेरियल खजाने वाले दावों के बीच जानिए पाकिस्तान के हसीन सपनों की सच्चाई

पाकिस्तान का व्यापार घाटा पड़ोसी देशों के साथ 43.22 प्रतिशत बढ़ गया है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (जुलाई 2024 से जून 2025) के दौरान यह घाटा बढ़ा है.

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  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच सीमा चौकियां बंद रहने से खैबर पख्तूनख्वा की आय में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है
  • भारत और EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से पाकिस्तान के टेक्सटाइल सेक्टर पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का खतरा है
  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की रिपोर्ट में पाकिस्तान में आतंकी फंडिंग के तरीकों में बदलाव बताया गया है
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पाकिस्तान फिलीस्तीन को संवारने के लिए ट्रंप के पीस बोर्ड में शामिल हो चुका है. ट्रंप के पास फोटो खिंचवाकर उसके पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख मुनीर जनता के सामने बता रहे हैं कि पाकिस्तान सुपरपावर क्लब में शामिल हो गया है. जल्द ही तेल के जखीरे अमेरिका की मदद से पाकिस्तान के समुद्र में खोजे जाएंगे. साथ ही रेयर अर्थ मैटेरियल बलूचिस्तान के इलाके से निकाले जाएंगे और पाकिस्तान का हर व्यक्ति करोड़पति-अरबपति हो जाएगा. इन हसीन सपनों की सच्चाई पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स ही बता रही हैं...    

अफगानिस्तान सीमा बंद रहने से भारी नुकसान

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा चौकियों के लंबे समय से बंद रहने के कारण पाकिस्तान को गंभीर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. खासतौर पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की आय में भारी गिरावट दर्ज की गई है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से सीमा पर व्यापार निलंबित रहने के चलते प्रांत के राजस्व में 53.02 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसके बाद प्रांतीय सरकार ने संघीय सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस (आईडीसी) के संग्रह में भारी कमी आई है. चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में आईडीसी संग्रह घटकर 3.48 अरब पाकिस्तानी रुपये रह गया, जबकि इसी अवधि में पिछले वर्ष यह 7.42 अरब रुपये था. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के वित्तीय सलाहकार मुजम्मिल असलम ने पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री जम कमाल को पत्र लिखकर प्रांतीय और संघीय स्तर के हितधारकों की एक आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है. 

भारत-ईयू एफटीए तोड़ देगा पाकिस्तान की कमर

पाकिस्तानी मीडिया ने पूर्व फेडरल कॉमर्स मिनिस्टर गौहर एजाज के हवाले से बताया कि भारत और ईयू के एफटीए डील का असर पाकिस्तान में देखने को मिलेगा. पूर्व पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि इस डील के असर ने भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट पर गंभीर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि इससे पाकिस्तान में एक करोड़ से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी को खतरा हो सकता है. पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व पाक मंत्री एजाज ने कहा कि भारत-ईयू ट्रेड डील पाकिस्तान के इंडस्ट्रियल सेक्टर, खासकर टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा खतरा है. पाकिस्तान के लिए टेक्सटाइल इंडस्ट्री वहां पर एक्सपोर्ट की रीढ़ है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते से पाकिस्तान के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को काफी नुकसान हो सकता है. पूर्व मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट सालाना लगभग 9 बिलियन डॉलर का है.

एफएटीएफ की पाकिस्तान पर निगरानी बढ़ी

वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की 40 सिफारिशों के अनुरूप पाकिस्तान का कानूनी ढांचा भले ही कागजों पर मेल खाता दिखे, लेकिन जमीनी स्तर पर उसके क्रियान्वयन में गंभीर असंगतियां बनी हुई हैं. एफएटीएफ की 2025 आतंकवादी वित्तपोषण जोखिमों पर व्यापक अपडेट रिपोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा है कि आतंकी फंडिंग के तरीकों में तेजी से बदलाव हो रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठन अब बैंकों की जगह फिनटेक प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं, ताकि निगरानी से बचा जा सके. पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को खत्म करने के बजाय उनका “आधुनिकीकरण” किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित ये आतंकी संगठन गाजा संघर्ष जैसी मानवीय संकट स्थितियों का दुरुपयोग कर आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटा रहे हैं.

पाकिस्तान का व्यापार घाटा 43.22 प्रतिशत बढ़ा

पाकिस्तान का व्यापार घाटा पड़ोसी देशों के साथ 43.22 प्रतिशत बढ़ गया है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (जुलाई 2024 से जून 2025) के दौरान यह घाटा बढ़ा है. एसबीपी द्वारा रविवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़े हुए व्यापार घाटे का मुख्य कारण चीन, भारत और बांग्लादेश से आयात में वृद्धि है. पाकिस्तान के निर्यात में भी वृद्धि देखी गई है, खासकर अफगानिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए गए निर्यात में. इसने निर्यात में गिरावट की कुछ हद तक भरपाई की है. आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान ने जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच अपने निर्यात को 7.85 प्रतिशत बढ़ाकर 2.40 बिलियन डॉलर कर लिया है. पिछले साल इसी अवधि में निर्यात का मूल्य 2.23 बिलियन डॉलर था. पाकिस्तान का निर्यात चीन, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भारत, ईरान, नेपाल, भूटान और मालदीव सहित नौ देशों को बढ़ा है.
 

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