पाकिस्तान-अफगानिस्तान जंग की कीमत चुका रहे मासूम, जान बचाने के लिए 1 लाख से ज्यादा लोग हुए बेघर

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच आज भी सीमा पर कई जगह गोलीबारी हुई. इस बीच यूएन ने कहा है कि ताजा संघर्ष की वजह से 1 लाख से ज्यादा लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है.

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  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर चल रहे संघर्ष में एक सप्ताह में एक लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए
  • पाकिस्तान ने कंधार और बगराम जैसे सैन्य ठिकानों पर जमीनी और हवाई हमले कर तालिबान के गढ़ को निशाना बनाया
  • अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया और सीमा पर कई चौकियों को तबाह करने का दावा किया
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान बीच सीमा पर कई इलाकों में भीषण गोलीबारी और हवाई हमले जारी हैं. पिछले कुछ सालों में यह दोनों देशों के बीच सबसे भीषण संघर्ष माना जा रहा है. एक ओर जहां पूरा मिडिल ईस्ट ईरान और इजरायल के युद्ध से सुलग रहा है, वहीं साउथ एशिया में इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच छिड़ी इस नई जंग ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है. इस बीच यूएन ने कहा है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ताजा संघर्ष की वजह से 1 लाख से ज्यादा लोगों को पलायन करना पड़ा.

एक लाख से ज्यादा लोगों का पलायन

यूएन ने इस हालात पर गहरी चिंता जताते हुए बताया है कि एक हफ्ते से चल रहे इस संघर्ष के कारण एक लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं. अनुमान है कि अफगानिस्तान में 1 लाख 15 हजार और पाकिस्तान में लगभग 3 हजार लोगों को अपनी जान बचाने के लिए पलायन करना पड़ा.स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीमावर्ती कस्बों में हालात इतने खौफनाक हैं कि रमजान के इस महीने में जब परिवार इफ्तार के लिए बैठते हैं, तभी भारी तोपखाने से गोलाबारी शुरू हो जाती है.

कंधार से लेकर बगराम तक एयरस्ट्राइक

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तालिबान के कोर नेतृत्व वाले गढ़ कंधार और काबुल के उत्तर में स्थित 'बगराम एयरबेस' जैसे प्रमुख सैन्य ठिकानों पर जमीनी और हवाई हमले किए हैं.पाकिस्तान का कहना है कि वे केवल आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहे हैं.

वहीं, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की है. तालिबान बलों ने 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर कई पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट कर दिया है और एक ड्रोन को भी मार गिराया है. तालिबान ने बलूचिस्तान में भी एक सैन्य अड्डे पर हमला करने का दावा किया है.

पाकिस्तान का शांति वार्ता से साफ इनकार

पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने साफ कर दिया है कि इस संघर्ष को रोकने के लिए कोई बातचीत नहीं हो रही है. उन्होंने सरकारी टीवी पर दो कहा, 'बातचीत के लिए कुछ नहीं है. अफगानिस्तान से पनप रहे आतंकवाद का खात्मा होना ही चाहिए. यह अफगानिस्तान की समस्या है और अपने नागरिकों की रक्षा करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है.' वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने आतंकियों को पनाह देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान में पनप रहा आतंकवाद उसका अपना अंदरूनी मसला है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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