जंग के लिए बेताब हो रहे किम जोंग उन? साउथ कोरिया ने कहा- उत्तर कोरिया ने समुद्र में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

दक्षिण कोरिया और अमेरिका मिसाइलों का विश्लेषण कर किम जोंग उन की नई मारक क्षमता का आकलन कर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक के बाद एक कई शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (SRBM) दागकर पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है. ऐसा लग रहा है कि उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन जंग के लिए बेताब हो रहे हैं. इस उकसावे के बाद जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा है कि सरकार ने भी कमर कस ली है.वहीं साउथ कोरिया ने चेतावनी दी है कि किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों (JCS) के मुताबिक, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के सिनपो इलाके से सुबह करीब 6:10 बजे (भारतीय समयानुसार रात 2:40 बजे) दागी गईं. इन मिसाइलों ने समुद्र में गिरने से पहले लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय की. इस अचानक हुए परीक्षण के बाद दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने आनन-फानन में आपातकालीन सुरक्षा बैठक बुलाई है.

अमेरिका और साउथ कोरिया की खुफिया टीम कर रही आकलन

पिछले कुछ दिनों में प्योंगयांग ने बैलिस्टिक मिसाइलें के साथ-साथ एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और क्लस्टर हथियारों का भी परीक्षण किया है. दक्षिण कोरिया और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अब इन मिसाइलों के सटीक स्पेसिफिकेशन का विश्लेषण कर रही हैं ताकि किम जोंग उन की नई मारक क्षमता का अंदाजा लगाया जा सके.

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह कदम दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिशों को पूरी तरह ठुकराने जैसा है. हालांकि, कुछ समय पहले किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने सियोल के कुछ बयानों को बुद्धिमानी भरा व्यवहार बताया था, लेकिन अब सुर पूरी तरह बदल चुके हैं. उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने अब आधिकारिक तौर पर दक्षिण कोरिया को अपना सबसे कट्टर दुश्मन देश घोषित कर दिया है.

समंदर में बढ़ रही है किम की ताकत

मिसाइल परीक्षणों के साथ-साथ किम जोंग उन अपनी नौसेना की ताकत को भी तेजी से आधुनिक बना रहे हैं. हाल ही में किम ने 'चो ह्योन' नामक युद्धपोत से क्रूज मिसाइलों के परीक्षण का निरीक्षण किया था. यह उत्तर कोरिया के उन दो 5,000 टन वजनी डिस्ट्रॉयर्स में से एक है, जिन्हें पिछले साल ही बेड़े में शामिल किया गया था.

Advertisement

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि उत्तर कोरिया अपने पश्चिमी बंदरगाह शहर नाम्पो में दो और बड़े डिस्ट्रॉयर्स का निर्माण युद्ध स्तर पर कर रहा है. दक्षिण कोरियाई सांसदों का दावा है कि उत्तर कोरिया को अपनी नौसेना के आधुनिकीकरण में रूस से तकनीकी मदद मिल रही है. यह सहयोग तब और गहरा हुआ है जब उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को जमीनी सैनिक और गोला-बारूद की आपूर्ति शुरू की है.

यह भी पढ़ें: दोस्ती की आड़ में मुनीर कर रहे दगाबाजी, क्या अमेरिका पाल रहा है आस्तीन का सांप? एक्सपर्ट्स ने बताया पूरा गेम

Advertisement
Featured Video Of The Day
Trump प्रशासन ने Munir को US के लिए 'Red Flag' बताया, Fox News Report में IRGC से गहरे संबंध का दावा
Topics mentioned in this article