- नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत से आई तेज बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के किनारे भारी तबाही मचाई है
- बाढ़ के तेज बहाव से टिमुरे बाजार, रसुवा सीमा नाके और आसपास के क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं
- बाढ़ ने कई जलविद्युत परियोजनाओं, वाहनों, सामान और घरों को बहा कर व्यापक नुकसान पहुंचाया है
नेपाल में इन दिनों बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. ऐसी तबाही हो रही है कि देखने वालों की रूह कांपने लगी है. डर के मारे लोग चीख-चिल्ला रहे हैं. तिब्बत से आया पानी अपने साथ भीषण तबाही लेकर आया है. ऐसा जल रहा कि मानो 'जलप्रलय' आ गई हो. पानी का बहाव इतना तेज है कि क्या पुल और टावर और क्या इमारतें, सब कुछ अपने साथ बहा ले जा रहा है. पानी जहां से गुजर रहा है पीछे सिर्फ तबाही के निशान ही छोड़ रहा है. तबाही के वीडियो डरा देने वाले हैं.पीएम बालेन शाह के निर्देश पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए है. जवान लोगो की मदद कर रहे हैं.
तिब्बत से नेपाल में आया सैलाब, सब बहा ले गया
तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मची है. हवा के जैसी तेज स्पीड में आए पानी लेन्दे खोला (भोटेकोशी नदी) में ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है. पानी अपने साथ बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान बहा ले गया. इस भीषण बाढ़ में कई जलविद्युत परियोजनाओं और बस्तियों को भी नुकसान पहुंचा है.
नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, तबाही का मंजर
नेपाल की भोटे कोशी नदी में स्थानीय समय के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे तिब्बत की ओर से अचानक तेज बाढ़ आई और सबकुछ अपने साथ बहा ले गई. नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी का फ्लो अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ है. पानी अपने साथ वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बहा ले गया.
नेपाल के 5 जिलों में हाई अलर्ट
बता दें कि रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक बहुत ज्यादा सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है.