- ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, कीमतें बढ़ रही हैं.
- US राष्ट्रपति ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जबकि ईरान ने मना किया है.
- ग्राउंड जीरो पर पहुंची NDTV की टीम होर्मुज के बिल्कुल पास UAE के रस अल खैमाह क्षेत्र में पहुंची. जानिए हालात.
NDTV Ground Report from Ras Al Khaimah: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बीते 22 दिनों से जारी जंग में फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी है. इस जंग की शुरुआत के कुछ दिनों बाद ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया. जिसके बाद से यहां दुनिया भर के हजारों जहाज फंसे हैं. वैश्विक तेल व्यापार के लिए यह रास्ता बेहद अहम है. ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. दूसरी ओर ईरान लगातार यह दावा कर रहा है कि वो होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलेगा.
होर्मुज स्ट्रेट के पास रस अल खैमाह पहुंचा NDTV
होर्मुज स्ट्रेट पर जारी तकरार के बीच वहां आस-पास के हालात बेहद तनावपूर्ण है. कब कहां से कौन हमला कर दें, कोई कह नहीं सकता. NDTV ईरान, इजरायल और अमेरिका जंग की ग्राउंड रिपोर्ट कर रहा है. इस कड़ी में हमारे रिपोर्टर अब होर्मुज स्ट्रेट के पास रस अल खैमाह पहुंचे, जो संयुक्त अरब अमीरात का बेहद रणनीतिक क्षेत्र है. यहां डरावना सन्नाटा नजर आया. समंदर में बड़े-बड़े जहाज जहां-तहां अटके नजर आए.
रस अल खैमाह UAE का अहम समुद्री तट
रस अल खैमाह कोई साधारण तटीय क्षेत्र नहीं है, बल्कि एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आवागमन से सीधे जुड़ा हुआ है. अल जीर (समुद्र तट) से लेकर उस अंतिम बिंदु तक जहां से एनडीटीवी रिपोर्टिंग कर रहा है, संयुक्त अरब अमीरात में ईरान की ओर जाने वाले खुले जलमार्ग के सबसे निकट स्थित बिंदुओं में से एक है, जो इसे एक अत्यंत संवेदनशील समुद्री क्षेत्र बनाता है. इस बिंदु से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग 30 समुद्री मील दूर है.
होर्मुज स्ट्रेट के पास रस अल खैमाह से एनडीटीवी की रिपोर्ट.
समंदर में बड़े-बड़े जहाज आए नजर
होर्मुज स्ट्रेट के पास यूएई के समुद्री तट रस अल खैमाह पर पहुंची एनडीटीवी टीम को समंदर में फंसे बड़े-बड़े जहाज भी नजर आए. जो एनडीटीवी के कैमरे में भी कैद है. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में यहां तनाव काफी बढ़ गया है. ईरान ने क्षेत्र में कड़ी चेतावनी और धमकियां जारी की हैं, यहां तक कि संभावित हमलों के बारे में भी आगाह किया है.
IRGC ने स्थानीय लोगों को इलाका खाली करने की दी है धमकी
एक बयान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने रस अल खैमाह के निवासियों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी है. IRGC ने कहा है कि वो आने वाले दिनों में यह क्षेत्र निशाना बन सकता है. इससे गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं क्योंकि यहां किसी भी प्रकार का तनाव बढ़ना न केवल स्थानीय है बल्कि इसका वैश्विक प्रभाव भी होगा.
समंदर में खड़े नजर आ रहे बड़े-बड़े जहाज.
लंगर डाले दिखे कई बड़े जहाज
यह सिर्फ एक जहाज या एक स्थान की बात नहीं है. यहां तक कि एक छोटी सी गड़बड़ी भी बाजारों में हलचल मचा देती है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा देती है. फिलहाल, इन जलक्षेत्रों में कई जहाज लंगर डाले खड़े दिखाई दे रहे हैं, आगे बढ़ने के बजाय अपनी जगह पर स्थिर हैं.
रस अल खैमाह की उपयोगिता समझिए
रस अल खैमाह में तेल का उत्पादन अधिक नहीं होता, लेकिन इसका वास्तविक महत्व इसकी भौगोलिक स्थिति से है. यहां से कुछ ही दूरी पर होर्मुज जलडमरूमध्य स्थित है, जो एक संकरा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे होकर दुनिया के तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा प्रतिदिन गुजरता है. यह जलक्षेत्र सीधे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जुड़ता है, जिससे यह वैश्विक तेल परिवहन की मुख्य धमनी बन जाता है.
यही कारण है कि यह तटरेखा वैश्विक जहाजरानी और ऊर्जा प्रवाह के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करती है. लेकिन ईरान के काफी पास होने के कारण अभी रस अल खैमाह की सुरक्षा बेहद संवेदनशील हो गई है. इस जलक्षेत्र के पार ईरान की तटरेखा बहुत दूर नहीं है और बीच में कोई भू-बाधा नहीं है. इससे एक अत्यंत तनावपूर्ण और सघन समुद्री क्षेत्र बनता है जहां व्यापार मार्ग, तेल आपूर्ति लाइनें और सैन्य उपस्थिति सभी एक साथ मौजूद हैं.
यह भी पढ़ें - खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी निवेश पर हमला करेंगे- ईरान की नई धमकी, एक F-15 फाइटर जेट उड़ाने का भी दावा













