- बांग्लादेश में हुए चुनाव में BNP ने 151 से अधिक सीटें जीतकर 20 साल बाद सत्ता में आने का रास्ता बना लिया है
- तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि वे पिछले साल निर्वासन के बाद लौटे थे
- NCP के नेता नाहिद इस्लाम ने वोट काउंटिंग में कम से कम दस प्रतिशत वोटों में धांधली का आरोप लगाया है
बांग्लादेश में गुरुवार को हुए चुनाव के नतीजे अब लगभग साफ हो गए हैं. हालांकि, चुनाव आयोग ने अब तक आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 299 सीटों के लिए हुए चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 151 से ज्यादा सीटें जीत ली हैं. इसका मतलब हुआ कि बांग्लादेश में 20 साल बाद एक बार फिर BNP की सरकार बनने जा रही है. इसके साथ ही तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना भी लगभग तय हो गया है.
हालांकि, चुनाव नतीजे आने के बाद इन पर सवाल भी उठने लगे हैं. नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के नेता नाहिद इस्लाम में काउंटिंग में धांधली का आरोप लगाया है. पार्टी मीटिंग के बाद शुक्रवार रात को उन्होंने आरोप लगाया कि कम से कम 10 प्रतिशत वोटों में हेराफेरी की गई है. हालांकि, उन्होंन ये भी कहा कि अगर इन 10 प्रतिशत वोटों के साथ छेड़छाड़ को छोड़ दिया जाए तो बाकी चुनाव प्रक्रिया संतोषजनक रही.
जमात सेंट्रल ऑफिस में 11 पार्टियों के अलायंस की बैठक से बाहर आने के बाद नाहिद इस्लाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'चुनाव में साफ तौर पर धांधली हुई. कई सीटों को टारगेट करके रिजल्ट बदले गए.'
NCP का क्या रहा हाल?
जुलाई 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार के खिलाफ छात्रों ने विद्रोह कर दिया था. इसे 'जुलाई विद्रोह' कहा जाता है. इस विद्रोह में शामिल छात्रों ने पिछले साल फरवरी में नेशनल सिटीजन पार्टी नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई थी. इस चुनाव में NCP को ज्यादा से ज्यादा सीट जीतने की उम्मीद थी. हालांकि, NCP मात्र 6 सीटें ही जीतने में कामयाब रही है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NCP के अध्यक्ष नाहिद इस्लाम ने ढाका-11 सीट से जीत हासिल की है.
बांग्लादेश में 20 साल बाद BNP
बांग्लादेश में 20 साल बाद फिर BNP की सरकार बनने जा रही है. तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है. बांग्लादेश में आखिरी बार BNP 2001 से 2006 तक सत्ता में रही थी. तब तारिक रहमान की मां खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं. तारिक रहमान पिछले साल ही 18 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे थे.














