गद्दाफी का सबसे छोटा बेटा 10 साल बाद रिहा, 2 साल की उम्र में किए 'गुनाह' की मिली बिना सुनवाई वाली सजा

2015 में छोटे गद्दाफी को लेबनान में एक सशस्त्र समूह ने कुछ समय के लिए किडनैप कर लिया था. बाद में आजाद होने के बाद लेबनानी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

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  • हन्नीबल गद्दाफी को लेबनान ने लगभग दस वर्षों तक बिना मुकदमे के हिरासत में रखा था और अब रिहा किया गया है
  • हन्नीबल को 2015 में गिरफ्तार किया गया था, 1978 में लापता हुए मौलवी सद्र के बारे में जानकारी छिपाने का आरोप था
  • मौलवी के लापता होने से लीबिया और लेबनान के बीच दशकों से तनाव बना हुआ था, जबकि हन्नीबल उस समय केवल 2 वर्ष के थे
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लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के सबसे छोटे बेटे हन्नीबल गद्दाफी को लगभग 10 साल तक बिना किसी मुकदमे के सलाखों के पीछे रखने के बाद लेबनान ने रिहा कर दिया है. अब 49 साल के हो चुके हन्नीबल गद्दाफी को लेबनानी अधिकारियों ने 2015 में गिरफ्तार कर लिया. उन पर 1978 में लीबिया में लापता हुए लेबनानी शिया मौलवी मूसा सद्र के बारे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था. हालांकि कमाल की बात है कि जब वह मौलवी गायब हुए थे तब हन्नीबल गद्दाफी की उम्र केवल 2 साल की थी. इन 10 सालों में छोटे गद्दाफी पर कभी मुकदमा नहीं चलाया गया.

उनके वकील लॉरेंट बेयोन ने न्यूजे एजेंसी AFP को बताया कि $900,000 (लगभग 8 करोड़ रुपए) की जमानत राशि भरने पर यह रिहाई मिली है. बेयोन ने सोमवार को बताया था, "आज सुबह जमानत का भुगतान किया गया... हन्नीबल गद्दाफी आखिरकार आज़ाद हो जाएंगे. यह उनके लिए 10 साल तक चले बुरे सपने का अंत है."

इससे पहले अक्टूबर में, एक जज ने गद्दाफी की रिहाई का आदेश दिया था, जिसकी जमानत राशि 11 मिलियन डॉलर तय की गई थी. लेकिन पिछले सप्ताह अपील के बाद इसे घटाकर 900,000 डॉलर कर दिया गया था.

पति की हत्या और तख्तापलट के बाद बदल गई जिंदगी

2015 में छोटे गद्दाफी को लेबनान में एक सशस्त्र समूह ने कुछ समय के लिए किडनैप कर लिया था. बाद में आजाद होने के बाद लेबनानी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

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2011 में जब विद्रोहियों ने उनके पिता की सत्ता को उखाड़ फेंका और उन्हें मार दिया तो वह सीरिया भाग गए और फिर अपनी पत्नी एलाइन स्काफ के साथ ओमान में घर में नजरबंद रहे. अपने पिता के शासन के पतन से पहले छोटे गद्दाफी अपनी आलिशान जीवनशैली के लिए जाने जाते थे.

1978 में लीबिया में शिया धर्मगुरु मूसा अल-सद्र का लापता होना दशकों से लीबिया और लेबनान के बीच तनाव का कारण रहा है. हालांकि हन्नीबल गद्दाफी उस समय केवल दो वर्ष के थे और वयस्क होने के बाद भी उनके पास लीबिया में कोई बड़ा पद नहीं था.

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