'प्लेब्वॉय' के कवर पर छपीं फ्रांस की मंत्री मार्लीन शियापा, मची खलबली

फ्रांस की मंत्री मार्लीन शियापा ने 'प्लेब्वॉय' के लिए न सिर्फ पोज़ किया, बल्कि महिलाओं तथा समलैंगिकों के अधिकारों के साथ-साथ गर्भपात पर भी बात करते हुए 12-पेज का इंटरव्यू दिया.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
फ्रांस की मंत्री मार्लीन शियापा (Marlene Schiappa) का विवादों से पुराना नाता रहा है, जिनसे दक्षिणपंथी आमतौर पर नाराज़ रहा करते हैं...

'प्लेब्वॉय' के लिए पोज़ करना फेमिनिस्ट होने का सबूत हो सकता है...? फ्रांस की एक मंत्री का यही मानना है, और उन्होंने - कपड़ों के साथ - इस बदनाम पत्रिका का कवर पर प्रकाशित होने के अपने फैसले का बचाव किया है. वर्ष 2017 में राष्ट्रपति एमानुएल मैकरॉन द्वारा 'अनजान-सी' फेमिनिस्ट लेखिका 40-वर्षीय मार्लीन शियापा (Marlene Schiappa) को राष्ट्रीय पटल पर लाया गया था, और उनका विवादों से पुराना नाता रहा है, जिनसे दक्षिणपंथी आमतौर पर नाराज़ रहा करते हैं.

लेकिन इस बार प्रधानमंत्री और वामपंथी आलोचकों तक का मानना है कि मंत्री ने अपनी यह ताज़ातरीन हरकत कर गलती कर दी है - 'प्लेब्वॉय' के लिए न सिर्फ पोज़ किया, बल्कि महिलाओं तथा समलैंगिकों के अधिकारों के साथ-साथ गर्भपात पर भी बात करते हुए 12-पेज का इंटरव्यू दिया. शनिवार को माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट पर मार्लीन शियापा ने लिखा, "महिलाएं हर जगह, हर वक्त अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती हैं, इस अधिकार की रक्षा के लिए मौजूद हूं... फ्रांस में महिलाएं स्वतंत्र हैं... दकियानूस और पाखंडियों को बुरा लगे या भला..."

ग्लैमर पत्रिका के कवर पर प्रकाशित मार्लीन शियापा की डिज़ाइनर परिधान पहने तस्वीर के बारे में कुछ का मानना है कि इससे गलत संदेश जाएगा, और एक शख्स ने कहा कि पहले तो उन्होंने इसे मूर्ख दिवस (अप्रैल फूल डे) का पोस्ट समझा था. देश की दूसरी महिला प्रधानमंत्री एलिसाबेथ बोर्न के सहायक ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि PM ने मार्लीन शियापा को कॉल कर कहा कि 'यह कतई उचित नहीं है, खासतौर से मौजूदा माहौल में...'

Advertisement

'प्लेब्वॉय' के फ्रेंच-भाषा संस्करण में दिखने वाली तस्वीर का बचाव करते हुए पत्रिका की सम्पादक ज्यां-क्रिस्टॉफ़ फ्लोरैन्टीन ने समाचार एजेंसी AFP से कहा, (फ्रांस) सरकार के मंत्रियों में (मार्लीन) शियापा सर्वाधिक उचित थीं, क्योंकि "वह महिला अधिकारों से जुड़ी हैं और वह समझती हैं कि यह पत्रिका फेमिनिस्ट प्रचार का साधन बन सकती है..."

फ्लोरैन्टीन ने यह भी कहा, "पत्रिका 'प्लेब्वॉय' सॉफ्ट पोर्न पत्रिका नहीं है, बल्कि 300-पेज की तिमाही 'मूक' (मैगज़ीन (पत्रिका) तथा पुस्तक का मिश्रित संस्करण) है, जो बौद्धिक भी है, ट्रेंड भी कर रही है... हालांकि इसमें अब भी कुछ महिलाओं की बिना कपड़े पहने तस्वीरें मौजूद हैं, लेकिन वह ज़्यादातर पेजों में नहीं हैं..."

Advertisement
Featured Video Of The Day
Traffic Jam News: देखिए ट्रैफिक जाम पर NDTV की खास मुहीम | NDTV India | Delhi NCR Traffic