- सेंट्रल इटली से पोलैंड जा रहे 12 टन किटकैट चॉकलेट से भरे ट्रक की रहस्यमय तरीके से चोरी हो गई है
- चोरी हुई किटकैट चॉकलेट यूरोप के कई देशों में सप्लाई की जानी थी, लेकिन ट्रक और माल अभी तक नहीं मिला
- नेस्ले ने ईस्टर से पहले स्टोर्स में किटकैट की कमी की चेतावनी दी है, जिससे ग्राहकों को परेशानी हो सकती है
ईस्टर से ठीक पहले चॉकलेट प्रेमियों को झटका लगा है. दरअसल यूरोप में नेस्ले के मशहूर ब्रांड किटकैट की हजारों नहीं, बल्कि लाखों चॉकलेट बार एक झटके में गायब हो गईं. सेंट्रल इटली से पोलैंड जा रहा 12 टन किटकैट से भरा ट्रक रास्ते में रहस्यमय तरीके से लापता हो गया. इस बड़ी चोरी ने न सिर्फ जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए, बल्कि बाजार में किटकैट की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. कंपनी ने चेतावनी दी है कि इसका असर ईस्टर से पहले स्टोर्स की शेल्फ़ पर दिख सकता है.
ट्रांजिट के दौरान हुई चोरी, जांच जारी
नेस्ले के मालिकाना हक वाले किटकैट ब्रांड ने एएफपी को भेजे बयान में कहा कि यह ट्रक सेंट्रल इटली से पोलैंड की ओर जा रहा था. रास्ते में यूरोप के कई देशों में किटकैट चॉकलेट की सप्लाई की जानी थी. हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रक किस देश या किस स्थान पर लापता हुआ, लेकिन यह जरूर कहा कि किटकैट से लदा वाहन और उसका पूरा माल अब तक नहीं मिला है. किटकैट ने अपने बयान में बताया कि यह चोरी पिछले सप्ताह उस समय हुई, जब ट्रक उत्पादन केंद्र से डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर ओर बढ़ रहा था. कंपनी ने कहा कि मामले की जांच स्थानीय प्रशासन और सप्लाई चेन पार्टनर्स के साथ मिलकर की जा रही है. फिलहाल ट्रक के ठिकाने या चोरी में शामिल लोगों को लेकर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
अधिकारियों ने क्या कुछ कहा
अधिकारियों ने इस चोरी की घटना की जांच तेज कर दी है और स्थानीय कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों तथा सप्लाई चेन से जुड़े साझेदारों के साथ मिलकर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है. नेस्ले चोरी हुई खेप को ट्रैक करने के लिए हर किटकैट बार पर छपे यूनिक बैच कोड का इस्तेमाल कर रही है. कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम इस तरह तैयार किया गया है कि अगर चोरी किए गए उत्पादों में से कोई भी कहीं पहचाना जाता है, तो तुरंत अलर्ट मिल सके. नेस्ले ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी स्कैन में बैच कोड का मिलान होता है, तो संबंधित व्यक्ति को किटकैट को सूचित करने के साफ निर्देश दिए जाएंगे, जिसके बाद कंपनी सबूतों को उचित तरीके से जांच एजेंसियों के साथ साझा करेगी.
ईस्टर से पहले स्टोर्स में किल्लत का खतरा
इस चोरी की खबर के सामने आने के बाद नेस्ले ने स्वीकार किया है कि चोरी की वजह से ईस्टर से पहले स्टोर्स की शेल्फ पर किटकैट की कमी देखने को मिल सकती है. कंपनी ने चेतावनी दी कि ग्राहकों को अपने पसंदीदा चॉकलेट बार ढूंढने में परेशानी हो सकती है. ईस्टर यूरोप में चॉकलेट की बिक्री का एक बड़ा मौका माना जाता है, ऐसे में इस चोरी का असर बाजार पर पड़ सकता है. कंपनी के प्रवक्ता ने इस चोरी पर हल्के‑फुल्के अंदाज़ में प्रतिक्रिया देते हुए किटकैट के मशहूर स्लोगन का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, “हम हमेशा लोगों को किटकैट के साथ ब्रेक लेने के लिए कहते रहे हैं, लेकिन लगता है चोरों ने इस संदेश को कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से ले लिया और 12 टन से ज्यादा चॉकलेट के साथ ही ब्रेक ले लिया.”
ब्लैक मार्केट में पहुंचने की आशंका
नेस्ले ने चेतावनी दी है कि चोरी की गई किटकैट चॉकलेट यूरोप के अनौपचारिक या अवैध बिक्री चैनलों में पहुंच सकती है. साथ ही कंपनी ने आशंका जताई है कि यह माल अलग‑अलग बाजारों में गैर‑कानूनी तरीके से बेचा जा सकता है.
कैसे खोजी जा सकती है चोरी हुई किटकैट
कंपनी ने बताया कि हर किटकैट चॉकलेट बार पर यूनिक बैच कोड मौजूद होता है, जिससे चोरी की खेप की पहचान की जा सकती है. नेस्ले के मुताबिक, अगर कहीं भी चोरी हुए बैच का कोड स्कैन होता है, तो सिस्टम उसकी तुरंत पहचान कर लेगा. कंपनी ने कहा कि अगर कोई मैच मिलता है, तो स्कैन करने वाले व्यक्ति को साफ निर्देश दिए जाएंगे कि वह किटकैट को इसकी जानकारी पहुंचा दें. इसके बाद संबंधित सबूतों को स्थानीय एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा.
अब तक कोई सुराग नहीं
नेस्ले ने साफ किया है कि फिलहाल ट्रक और उसकी पूरी खेप का कोई सुराग नहीं मिला है. कंपनी ने यह भी नहीं बताया कि चोरी हुए माल की रिकवरी में कितना समय लग सकता है. जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई हैं.
(एएफपी इनपुट्स के साथ)














