खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ सकता है जनसैलाब, खुमैनी के अंतिम संस्‍कार में जुटे थे एक करोड़ लोग 

अयातुल्‍ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान में मातम पसरा है और लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है क‍ि अब खामेनेई उनके बीच नहीं हैं. ईरान में उनकी मौत के बाद 40 दिन के राष्‍ट्रीय शोक और सात दिन के सार्वजनिक अवकाश की ऐलान किया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
अयातुल्‍ला खामेनेई (फाइल फोटो)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद देश में मातम है.
  • ईरान सरकार ने खामेनेई की मौत पर चालीस दिन का राष्ट्रीय शोक और सात दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
  • अंतिम संस्कार के लिए तेहरान में भीड़ उमड़ रही है. हालांकि अभी तारीख और स्थान की घोषणा अभी नहीं हुई है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्‍ली:

अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्‍ला खामेनेई का निधन हो गया है. खामेनेई की मौत के बाद ईरान से मातम की तस्‍वीरें सामने आई हैं, जिन्‍होंने बता दिया है कि खामेनेई को लेकर ईरान के लोग किस कदर भावुक हैं. खामेनेई की मौत के बाद ईरान में जगह-जगह लोग उमड़े और बहुत से लोग उनकी मौत के बाद आंसू बहाते नजर आए. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि खामेनेई के अंतिम संस्‍कार में लाखों लोगों की भीड़ जुट सकती है. ईरान में अयातुल्‍ला रुहोल्‍ला खुमैनी की 1989 में मौत के बाद अंतिम संस्‍कार के दौरान करीब एक करोड़ लोग शामिल हुए थे. 

अयातुल्‍ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान में मातम पसरा है और लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है क‍ि अब खामेनेई उनके बीच नहीं हैं. ईरान में उनकी मौत के बाद 40 दिन के राष्‍ट्रीय शोक और सात दिन के सार्वजनिक अवकाश की ऐलान किया गया है.

Photo Credit: PTI

तेहरान में उमड़ी लोगों की भीड़ 

खामेनेई की मौत के बाद से ही तेहरान में भारी संख्‍या में भीड़ उमड़ने लगी है. विभिन्‍न रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान में अंतिम संस्‍कार होगा, यह सोचकर के बड़ी संख्‍या में लोग तेहरान पहुंच रहे हैं. हालांकि अभी तक ईरान के अधिकारियों ने अंतिम संस्‍कार की तारीख और समय की घोषणा नहीं की है. 

तेहरान या मशहद में दफनाया जाएगा?

ईरान में वरिष्‍ठ नेताओं के अंतिम संस्‍कार में बड़ी संख्‍या में लोग उमड़ते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि खामेनेई के अंतिम संस्‍कार में भी भारी भीड़ हो सकती है. खामेनेई के निधन पर दुनिया भर के खासतौर पर शिया समुदाय से जुड़े मुसलमान मातम मना रहे हैं. ईरान में सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्‍कार को लेकर किसी तरह की गाइडलाइंस नहीं है, ऐसे में इस्‍लाम के मुताबिक, पहले शव को स्‍नान कराया जाएगा और फिर सफेद कफन पहनाया जाएगा. वहीं उन्‍हें राजधानी तेहरान या फिर धार्मिक शहर मशहद में दफनाया जा सकता है. मशहद में जहां प र रजा की मजार है तो खुमैनी को तेहरान में ही दफनाया गया था. 

खुमैनी के अंतिम संस्‍कार में उमड़े थे एक करोड़ लोग 

अयातुल्ला रुहोल्ला खुमैनी के अंतिम संस्‍कार को आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े अंतिम संस्कारों में से एक माना जाता है. एक अनुमान के मुताबिक, करीब 1 करोड़ लोग तेहरान की सड़कों पर उतरे थे. यह उस समय ईरान की कुल आबादी का करीब छठा हिस्सा था. इस दौरान जनता का हुजूम इतना अनियंत्रित था कि शव यात्रा के दौरान भारी अफरा-तफरी मच गई थी. भीड़ के दबाव के कारण ताबूत को ले जाना मुश्किल हो गया था और आखिरकार शव को हेलीकॉप्टर के जरिए ले जाना पड़ा था. यह ईरान की इस्लामिक क्रांति के जनक की विदाई थी, इसलिए इसमें धार्मिक और राजनीतिक भावनाओं का चरम संगम देखा गया था. 

Photo Credit: PTI

भारत में भी दिखा असर

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने के बाद भारत में कश्मीर से कर्नाटक तक विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग रविवार को सड़कों पर उतर आए. उन्होंने इस घटना पर आक्रोश और दुख व्यक्त किया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को खामेनेई की मौत की पुष्टि की, जिसके बाद भारत समेत दुनिया भर में मातम और विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले. पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में खामेनेई की मौत की खबर के बाद हिंसक झड़पें और आगजनी की घटनाएं देखने को मिली, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Israel Iran War | 'खलीफा' Khamenei का हुआ खात्मा! | War