- केन्या में एक चीनी नागरिक को हजारों क्वीन गार्डन चींटियों की तस्करी के लिए एक साल जेल की सजा दी गई है
- नैरोबी एयरपोर्ट पर झांग को 2,000 से अधिक चींटियां चीन ले जाते पकड़ा गया और उस पर जुर्माना भी लगाया गया है
- यूरोप और एशिया में क्वीन गार्डन चींटियों की मांग बढ़ी है, जहां इन्हें शौक के लिए महंगी कीमतों पर खरीदा जाता है
Queen Garden Ants smuggling: दुनिया में जानवरों और छोटे जीवों की तस्करी यानी स्मगलिंग एक बड़ा अवैध धंधा बनता जा रहा है. सिर्फ बड़े जानवर ही नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चींटियां भी अब इंटरनेशनल मार्केट में महंगी कीमत पर बेची जा रही हैं. क्या आप यह जानते हैं कि ऐसी चींटी भी है जिसकी लगभग 21 हजार रुपए से अधिक की कीमत में बेचा जा रहा है. यह सिर्फ एक चींटी की कीमत है. खासकर यूरोप और एशिया में कुछ लोग इन्हें शौक के लिए खरीदते हैं. इसी वजह से अफ्रीका जैसे देशों में इन जीवों की तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं. केन्या में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक चीनी नागरिक को हजारों जिंदा चींटियां देश से बाहर ले जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया और अब उसे सजा सुनाई गई है.
क्या है पूरा मामला
झांग केकुन नाम के एक चीनी नागरिक को हजारों जिंदा 'क्वीन गार्डन' चींटियों को केन्या से बाहर ले जाने की कोशिश के लिए एक साल की जेल की सजा सुनाई गई है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार नैरोबी की अदालत ने बुधवार को उस पर 10 लाख केन्याई शिलिंग (करीब 7.2 लाख रुपए) का जुर्माना भी लगाया. जज आइरीन गिचोबी ने कहा कि झांग पूरी तरह ईमानदार नहीं था और उसे अपने काम पर कोई पछतावा नहीं है.
दरअसल पिछले महीने झांग केकुन पर वन्यजीवों के अवैध कारोबार का आरोप लगाया गया था. उसे नैरोबी एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था, जब वह अपने सूटकेस में 2,000 से ज्यादा चींटियां लेकर चीन जाने की कोशिश कर रहा था. यह 'क्वीन गार्डन' चींटियां थीं. रिपोर्ट के अनुसार केन्या के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यूरोप और एशिया में इन चींटियों की मांग बढ़ रही है, जहां कलेक्टर इन्हें शौक के लिए खरीदते हैं. एक चींटी की कीमत लगभग 220 डॉलर (साढ़े 20 हजार रुपए से भी अधिक) तक हो सकती है.
शुरुआत में झांग ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदलकर अपराध कबूल कर लिया.
कैसे कर रहा था तस्करी?
रिपोर्ट के अनुसार 10 मार्च को नैरोबी के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में बताया गया कि उसने ये चींटियां केन्या के नागरिक चार्ल्स मवांगी से खरीदी थीं. उसने हर 100 चींटियों के लिए 10,000 केन्याई शिलिंग (करीब 7 हजार रुपए) दिए थे. चार्ल्स मवांगी पर भी आरोप लगाया गया है और वह फिलहाल जमानत पर बाहर है.
पिछले साल मई में, केन्या की एक अदालत ने चार लोगों, दो बेल्जियम के, एक वियतनाम का और एक केन्या का, को भी इसी तरह हजारों जिंदा क्वीन चींटियों की तस्करी की कोशिश के लिए एक साल की जेल या 7,700 डॉलर जुर्माने की सजा दी थी. बताया गया कि ये चींटियां यूरोप और एशिया के कलेक्टर्स के लिए भेजी जा रही थीं.













