- इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल जोन पर हमला कर कम से कम पांच लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं
- ईरान के एक शीर्ष कमांडर ने अमेरिका और इजरायल को बुनियादी ढांचे पर हमले पर विनाशकारी जवाब देने की चेतावनी दी है
- ईरान के कमांडर ने कहा कि देश के सशस्त्र बल राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा में किसी भी हमले का कड़ा जवाब देंगे
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग की आग और भड़कती जा रही है. इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल जोन पर बड़ा हमला किया है. बताया जा रहा है कि इस हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं. पेट्रोकेमिकल जोन को कितना नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी ईरान की ओर से अभी तक नहीं नहीं दी गई है. लेकिन ईरान ने अमेरिका समर्थित देशों पर पहलवार करना शुरू कर दिया है.
ईरान का कुवैत पावर प्लांट पर हमला, 2 यूनिट बंद
ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि कुवैत के पावर प्लांट पर ईरान ने ड्रोन अटैक किया है. इससे पावर प्लान को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके बाद कुवैत को पावर प्लांट की दो यूनिट को बंद करना पड़ा है. कुवैत के विद्युत, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया कि ईरानी ड्रोनों ने देश के दो बिजली और जल शोधन संयंत्रों को निशाना बनाया है. फातिमा अब्बास जोहर हयात ने कहा कि इस हमले से संयंत्रों को भारी नुकसान हुआ है और दो बिजली उत्पादन इकाइयों में बिजली गुल हो गई है. हालांकि, उन्होंने आगे बताया कि ईरान के इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है. यह हमला कुवैत में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किया गया है.
ईरान की US-इजरायल को चेतावनी
ईरान के एक शीर्ष कमांडर ने चेतावनी दी है कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर अमेरिका या इजरायल द्वारा किए गए किसी भी हमले का जवाब पश्चिम एशिया में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़राइली बुनियादी ढांचे पर "विनाशकारी और निरंतर" हमलों से दिया जाएगा. समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के मुख्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने शनिवार को यह चेतावनी जारी की, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए दी गई 10 दिन की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो रही है.
इरान से अमेरिका इजरायल की जंग के बीच अब्दुल्लाही ने कहा, "लगातार हार स्वीकार करने के बाद, अमेरिका के आक्रामक और युद्धप्रिय राष्ट्रपति ने एक हताश, घबराए हुए, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण कदम में ईरान के बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय संपत्तियों को निशाना बनाने की धमकी दी है." उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल देश के अधिकारों की रक्षा और राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा में 'एक पल भी' नहीं हिचकिचाएंगे और 'हमलावरों को उनकी औकात दिखाएंगे.'
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ट्रंप के अल्टीमेटम कल हो रहा खत्म
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन का समय दिया था?" उन्होंने आगे कहा, "समय खत्म हो रहा है - 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा." 21 मार्च को, ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर वह 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो वह उसके बिजली संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा. हालांकि, दो दिन बाद, तेहरान के साथ 'सार्थक बातचीत' के बाद उन्होंने बिजली संयंत्रों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया. बाद में उन्होंने समय सीमा को फिर से आगे बढ़ा दिया.
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