- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद वेस्ट एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है
- हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन से हमला किया जिसे खामेनेई की हत्या का बदला बताया गया है
- इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर पूरे लेबनान में हवाई हमले शुरू कर दिए हैं
ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले से शुरू जंग और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत से चरम पर पहुंच चुका तनाव अब पूरे वेस्ट एशिया को अपनी जद में ले रहा है. ऐसे प्लेयर्स भी जंग में कूद चुके हैं जो पहले शांत बैठे थे. लेबनान में बसे ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने सोमवार को कहा कि उसने रात में इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन से हमला किया. उसके हिसाब से यह हमला ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बदले के रूप में किया गया. जवाब में इजरायल ने भी पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए.
न्यूज एजेंसी एएफफी की रिपोर्ट के अनुसार एक बयान में हिजबुल्लाह संगठन ने कहा कि उसने इज़रायल पर “कई मिसाइलों और बहुत सारे ड्रोन” से हमला किया है. उसका कहना था कि यह हमला “आयतुल्लाह अली खामेनेई के पवित्र खून का बदला लेने, लेबनान और उसके लोगों की रक्षा करने, और इजरायल के बार-बार हो रहे हमलों के जवाब में” किया गया.
वहीं इजरायल की सेना ने कहा कि उसने सोमवार को पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कई हवाई हमले शुरू किए. इजरायली सेना के बयान में कहा गया कि “इजरायल की ओर दागे गए रॉकेटों के जवाब में” इजरायली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला करना शुरू कर दिया.
हिजबुल्लाह ने सीजफायर तोड़ा
एक साल से भी ज्यादा समय में यह पहली बार था जब हिजबुल्लाह ने इजराइल पर हमले की जिम्मेदारी ली है. इजरायल की सेना का कहना है कि उसने सीमा पार से आए रॉकेट को हवा में ही रोक दिया है. सेना ने यह भी बताया कि कुछ अन्य रॉकेट खाली इलाकों में गिर गए. किसी के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं मिली.
लेबनान सरकार के अधिकारियों ने पहले ही हिजबुल्लाह से कहा था कि वह ईरान के समर्थन में इस लड़ाई में शामिल न हो, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे एक और बड़ा और नुकसानदायक युद्ध हो सकता है. बता दें कि यह देश अभी तक पिछले हिजबुल्लाह-इजरायल युद्ध से पूरी तरह उबर नहीं पाया है. यह युद्ध नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद रुका था. लेकिन उसके बाद भी इजरायल लगभग हर दिन लेबनान में हमले करता रहा है. इजरायल का कहना है कि इन हमलों का मकसद हिजबुल्लाह को फिर से ताकत इकट्ठा करने से रोकना है.
हमलों के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा है कि “हम अपने देश को किसी नई मुसीबत या युद्ध में फंसने नहीं देंगे. जिम्मेदार लोगों को पकड़ने और लेबनान के लोगों की सुरक्षा के लिए हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे.”
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