क्या अमेरिका-भारत ट्रेड डील में मिलने वाली बड़ी कामयाबी, ट्रंप ने किया था इशारा... 

इस एग्रीमेंट के तहत अमेरिका, भारतीय निर्यात पर टैरिफ को वर्तमान 50 फीसदी से घटाकर 15 से 16 फीसदी तक कर सकता है. इसके अलावा, भारत अमेरिका से नॉन-जेनेटिकली मॉडिफाइड (non-GMO) मक्का के आयात को बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में अमेरिका भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटाकर लगभग 15 से 16 प्रतिशत कर सकता है.
  • एक मीडिया रिपोर्ट का दावा भारत अमेरिका से नॉन-जीनेटिकली मॉडिफाइड मक्का के आयात को बढ़ाने पर विचार कर रहा है.
  • ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने का भरोसा मिलने का दावा किया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
वॉशिंगटन:

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील इस साल के सबसे चर्चित मसलों में रही है. लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि भारत और अमेर‍िका की ट्रेड डील जल्‍द ही किसी बड़े नतीजे पर पहुंच सकती है. एक भारतीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका भारतीय निर्यात पर टैरिफ को काफी हद तक कम कर सकता है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों देश एक ऐसे ट्रेड एग्रीमेंट के करीब हैं जिसमें भारत, रूस से तेल की खरीद को कम करने पर विचार कर सकता है. 

होगा ज्‍यादा मक्‍का का आयात 

अखबार मिंट ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस एग्रीमेंट के तहत अमेरिका, भारतीय निर्यात पर टैरिफ को वर्तमान 50 फीसदी से घटाकर 15 से 16 फीसदी तक कर सकता है. इसके अलावा, भारत अमेरिका से नॉन-जेनेटिकली मॉडिफाइड (non-GMO) मक्का के आयात को बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है. वर्तमान समय में यह आंकड़ा सालाना 0.5 मिलियन टन है और इसमें 15 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है. इसके अलावा दोनों देश एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दे रहे हैं, जिसके तहत समय-समय पर टैरिफ और मार्केट एक्‍सेस पर फिर से विचार किया जा सके. 

ट्रंप ने किया बड़ा इशारा 

मंगलवार को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी इस तरफ बड़ा इशारा किया. उन्‍होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कॉल में भरोसा दिलाया है कि भारत,  रूस से तेल की खरीद कम करेगा. ट्रंप ने एयर फोर्स वन पर विदेश मीडिया से कहा, 'भारत अब रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदने वाला है. वह चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो जैसे मैं चाहता हूं. पीएम मोदी भी  रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत देखना चाहते हैं और जैसा कि आप जानते हैं, वो ज्यादा तेल नहीं खरीदेंगे.' इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारत को 'भारी' टैरिफ अदा करना पड़ सकता है. 

नवंबर के अंत में होगा BTA 

बुधवार सुबह एक्‍स पर पीएम मोदी ने इस फोन कॉल की पुष्टि की और कहा कि वह उम्‍मीद करते हैं कि दोनों देश 'सभी रूपों में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट बने रहें', लेकिन उन्होंने रूस से तेल आयात पर भारत के रुख का कोई जिक्र नहीं किया. भारत ने नवंबर के अंत तक अमेरिका के साथ बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (बीटीए) के पहले हिस्से को फाइनल करने का लक्ष्‍य तय किया है. हालांकि इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपर्ट्स ने भारत को चेताया है कि वह आखिरी मिनट के दबाव में हरगिज न झुके. 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran War और Israel के दबाव की वजह से US Intelligence Official Joe Kent Resigned? Donald Trump हैरान