ईरान-इजरायल के बीच युद्ध का छठवां दिन.
Iran-Israel Attack: 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल है. अमेरिका और इजरायल ने शनिवार सुबह ईरानी सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे. ईरान और उसके समर्थकों भी क्षेत्र के कई देशों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं.
- ईरान-इजरायल के बीच हमले और घातक होते जा रहे हैं. युद्ध को 100 घंटे पूरे हो चुके हैं, मिसाइलें और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं. अमेरिका ने कहा कि ईरान के खिलाफ उसके सैन्य अभियान ने 2000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है और तेहरान की मिसाइल और नौसैनिक क्षमताओं को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू करने के फैसले का बचाव किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि पिछले हफ्ते के अंत में शुरू किए गए अभियान का मकसद ईरान के मिसाइल खतरे को खत्म करना, उसकी नौसैनिक क्षमता को नष्ट करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था.
- अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के नेवी वॉरशिप 'आईआरआईएस देना' को टारपीडो हमले से गहरे समंदर में डुबा दिया. इसमें 87 नौसैनिकों के मारे जाने की खबर है. यह ईरानी वॉरशिप भारत में नेवी एक्सरसाइज 'मिलान 2026' (MILAN 2026) में भाग लेने के बाद वापस अपने देश लौट रहा था. इस हमले का वीडियो भी अमेरिका ने जारी किया है. शिप के 2 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है. लेकिन 148 अन्य नाविक अभी भी अभी भी लापता हैं. उनके बचने की उम्मीद भी कम ही मानी जा रही है.
- इजरायली सेना लेबनान और हिजबुल्लाह पर भी लगातार हमले कर रही है. अल जजीरा के रिपोर्टर्स के मुताबिक, बेरूत के दक्षिणी इलाकों यानी कि हिजबुल्लाह के गढ़ में तीन बड़े धमाके किए गए हैं. साथ ही लेबनान के उत्तरी शहर त्रिपोली में एक फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर भी इजरायल की सेना ने हमला किया है.
- इजरायल ने पहली बार लेबनान के फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप को निशाना नहीं बनाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले भी ऐसे टारगेट किए जा चुके हैं. इस हमले में कितनी मौतें हुई हैं ये अब तक कन्फर्म है. लेकिन क्षेत्र में तनाव बहुत बढ़ गया है. हीं हुई है, लेकिन इलाके में तनाव बहुत ज्यादा है.खासकर कुवैत और बहरीन को निशाना बनाया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान कुवैत में कैंप अरिफजान और अली अल सालेम एयरबेस जैसे अमेरिकी ठिकानों पर पहले भी ड्रोन और मिसाइलें बरसा चुका है.
- ईरान भी इजरायल की तरफ मिसाइलें दाग रहा है. IDF ने बताया कि इस खतरे को रोकने के लिए उनके डफेंस सिस्टम एक्टव हैं. हाल ही में, गृह मोर्चा कमान ने संबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन पर प्रारंभिक निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने लोगों से अपील है कि वे जिम्मेदारी निभाएं और निर्देशों का पालन करें, ये निर्देश जीवन बचाते हैं. लोग अगले आदेश तक सुरक्षित जगहों पर रहें.
- 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल है. अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार सुबह ईरानी सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे. ईरान और उसके समर्थक, क्षेत्र के कई देशों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं. अमेरिका ने ईराक और लेबनान पर 3 मार्च, 2026 को स्थानीय समय के मुताबिक, रात 8 बजे किए. बाकी सभी हमले 4 मार्च, 2026 को शाम 4:30 बजे किए गए.
- अमेरिका-इजरायल हमलों की वजह से बड़ी संख्या में भारतीय खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं. अबू धाबी हवाई अड्डे के पास हमले में तेलंगाना का एक शख्स घायल हो गया है. उसका परिवार अब मदद की गुहार लगा रहा है. परिवार के मुताबिक, एलारेड्डीपेट के पोथिरेड्डीपल्ली गांव के रहने वाले नंदेल्ली राजेश्वर राव हवाई अड्डे पर काम करते समय हमले में घायल हो गए. वह वहां पर हाउसकीपिंग और क्लीनिंग सेक्शन में काम करते हैं. उनके पिता प्रभाकर राव ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका बेटा जल्द से जल्द घर लौट आए.
- ईरान पर हमले की वजह से अमेरिका के भी बहुत से नागरिक भी खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं. उनको वापस लाने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग की पहली चार्टर फ्लाइट मिडिल ईस्ट पहुंची, जहां से वह अमेरिका के लिए रवाना हो चुकी है. अमेरिकी नागरिकों को वापस पहुंचाने के लिए इस क्षेत्र में अतिरिक्त उड़ानें भी शुरू की जाएंगी. संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और इज़रायल में रहने वाले अमेरिकी नागरिक विदेश विभाग की चार्टर फ्लाइट और ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन ऑपरेशन्स के लिए mytravel.state.gov/s/crisis-intake पर इमरजेंसी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. या फिर विदेश विभाग के 24/7 टास्क फोर्स से +1-202-501-4444 पर संपर्क कर सकते हैं.
- ईरान उन खाड़ी देशों को लगातार निशाना बना रहा है, जहां पर अमेरिका के एयरबेस हैं. सऊदी अरब में भी हमले लगातार जारी हैं. सऊदी अरब भ लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है. उसने एक ड्रोन को अपनी ओर आने से पहले ही इंटरसेप्ट कर दिया. लौरा शरमन के मुताबिक, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि उसने अपने मध्य प्रांत अल-खारज के ऊपर तीन ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर दिया.
- अमेरिकी सीनेट ने भी तेहरान पर किए गए हमलों का समर्थन किया है. इसके साथ ही युद्ध संबंधी अधिकारों को सीमित रखने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसकी वजह से ट्रंप प्रशासन को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने में राजनीतिक मजबूती मिली है. सीनेट ने ट्रंप के ईरान के खिलाफ हमलों को रोकने का प्रस्ताव 47 के मुकाबले 53 वोटों से रोक दिया है.
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