- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने युद्ध समाप्ति के लिए तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं जो महत्वपूर्ण हैं
- पहली शर्त है कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के निर्विवाद अधिकारों को पूरी तरह स्वीकार किया जाए
- दूसरी शर्त में युद्ध से हुई क्षति के लिए ईरान को उचित हर्जाना भुगतान किया जाना अनिवार्य बताया गया है
मिडिल ईस्ट की जंग हर गुजरते दिन के साथ और भयानक रूप लेती जा रही है. एक तरफ तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि उनकी आर्मी ने ईरान को घुटनों पर ला दिया गया है और जंग जल्द खत्म हो सकती है. वहीं दूसरी तरफ ईरान का साफ कहना है कि जंग भले अमेरिका-इजरायल ने शुरू की है लेकिन उसकी समाप्ति अब ईरान के शर्तों पर होगी. अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने जंग खत्म करने के लिए तीन शर्त रखी हैं.
मसूद पेजेशकियान ने साफ- साफ संकेत दिया है कि युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता यह है कि ईरान के निर्विवाद अधिकारों को स्वीकार किया जाए. जंग के कारण ईरान को जो क्षति पहुंची है उसका हर्जाना दिया जाए. और आखिरी शर्त यह है कि भविष्य की आक्रामकता के खिलाफ निर्णायक अंतरराष्ट्रीय गारंटी लागू किया जाए.
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "रूस और पाकिस्तान के राष्ट्रपतियों के साथ बात करते हुए मैंने क्षेत्र में शांति और शांति के लिए इस्लामी गणराज्य की प्रतिबद्धता की घोषणा की. मैंने इस बात पर भी जोर दिया कि जायोनी शासन (इजरायल के लिए इस्तेमाल) और अमेरिका की युद्धोन्माद के साथ शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र तरीका ईरान के निर्विवाद अधिकारों को स्वीकार करना, जंग के कारण हुई क्षति के बदले हर्जाने का भुगतान करना और उनकी आक्रामकता को दोबारा होने से रोकने के लिए एक दृढ़ अंतरराष्ट्रीय गारंटी है."
यानी कुल मिलाकर ईरान की तीन शर्तें यह रहीं
- ईरान के निर्विवाद अधिकारों को स्वीकार करना
- जंग के कारण ईरान को जो क्षति पहुंची है उसका हर्जाना दिया जाए
- भविष्य की आक्रामकता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले
बता दें कि गुरुवार, 12 मार्च को यह जंग अपने 12वें दिन में पहुंच गई है और न मिसाइलों-ड्रोन का हमला रुका है और न ही शांति की कोई बड़ी उम्मीद दूर-दूर तक नजर आ रही है.














