- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी से अमेरिका-इजरायल की शत्रुता रोकने की मदद मांगी.
- दोनों नेताओं की बातचीत में PM मोदी ने पश्चिम एशिया में बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की.
- पेजेश्कियन ने ब्रिक्स अध्यक्ष भारत से आग्रह किया कि वह इस जंग को रोकने की दिशा में अपनी स्वतंत्र भूमिका निभाए.
ईरान, इजरायल और अमेरिका जंग आज 23 दिन में प्रवेश कर चुकी है. तीन देशों के बीच चल रहे इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है. तेल-गैस की कमी के साथ-साथ अन्य जरूरी सामानों की किल्लत भी होने लगी है. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है. ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत में भारत से आग्रह किया कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी "स्वतंत्र भूमिका" का उपयोग करे.
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में इंफ्रा प्रोजेक्टर पर हो रहे हमलों की निंदा की थी
दरअसल शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोन पर बातचीत हुई थी. इस बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की और तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई भारी बाधा के मद्देनजर महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्गों को "खुला और सुरक्षित" रखने का आह्वान किया.
ब्रिक्स अध्यक्ष के रूप में ईरानी राष्ट्रपति ने भारत से मांगी मदद
ईरानी वार्ता के विवरण के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने पश्चिमी एशियाई देशों को शामिल करते हुए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि क्षेत्र में "विदेशी हस्तक्षेप के बिना" शांति और स्थिरता लाई जा सके. पेज़ेश्कियन ने ब्रिक्स के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में भारत से आग्रह किया कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी "स्वतंत्र भूमिका" का उपयोग करे. विवरण के अनुसार, राष्ट्रपति ने वाशिंगटन के इस दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था.
ईरानी राष्ट्रपति ने युद्ध खत्म करने की शर्तें दोहराई
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के हवाले से न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पश्चिम एशिया में बिना किसी विदेशी दखल के शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के देशों को मिलाकर एक सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा. इसके साथ ही उन्होंने चल रहे युद्ध को खत्म करने की शर्तें दोहराईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक फोन कॉल में उन्होंने उक्त बातें कही.
रिपोर्ट में कहा गया है कि पेजेश्कियन ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की पहली शर्त अमेरिका और इजरायल के हमलों को तुरंत रोकना और यह गारंटी देना है कि भविष्य में ऐसे हमले दोबारा नहीं होंगे. उन्होंने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, बड़े सैन्य कमांडरों और आम लोगों की हत्या करने और देश के पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए अमेरिका और इजरायल की कड़ी निंदा की.
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