अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य ढांचों पर बमबारी की जाएगी. उन्होंने यह बात रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ सोशल पर कही थी. उनकी समय सीमा आज खत्म हो रही है. इस बीच ईरान ने अपने बिजली संयंत्रों को बचाने के लिए वहां आज ह्यूमन चेन बनाने की योजना बनाई है. आइए हम आपको बताते हैं कि ईरान में कितने बिजली घर हैं और वह हर साल कितनी बिजली बनाता है. अंतरराष्ट्रीय एनर्जी एजेंसी के मुताबिक ईरान ने 2023 में कुल तीन लाख 85 हजार 239 गीगावॉट ऑवर्स या 38 करोड़ 52 लाख 39 हजार मेगावाट ऑवर्स बिजली का उत्पादन किया था. इस एजेंसी के मुताबिक ईरान में साल 2000 से 2023 के बीच बिजली उत्पादन में फीसदी का उछाल आया है. आमतौर पर 100 मेगावाट का एक बिजलीघर आमतौर पर करीब एक लाख घरों की बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकता है.
अंतरराष्ट्रीय एनर्जी एजेंसी के मुताबिक ईरान अपने कुल बिजली उत्पादन का करीब 79 फीसदी बिजली का उत्पादन प्राकृतिक गैस से करता है. इसके अलावा वह कोयले से करीब 0.2 फीसदी, तेल से करीब 15 फीसदी, पानी से करीब साढे फीसदी और परमाणु संयंत्रों से साढे छह हजार गीगावाट से अधिक बिजली बनाता है. ईरान की बिजली की 35 फीसदी खपत उद्योगों, 31 फीसदी घरेलू और 18 फीसदी व्यावसायिक और सार्वजनिक सेवाओं में होती है. ईरान की 90 फीसदी से अधिक बिजली जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) से आती है. इससे ईरान दुनिया में प्राकृतिक गैस से बिजली बनाने वाले प्रमुख देशों में से एक है.
ईरान के पावर प्लांट कहां हैं
मीडिल ईस्ट में बिजली उत्पादन के मामले में सऊदी अरब के बाद ईरान दूसरा सबसे बड़ा देश है. ईरान में सैकड़ों बिजलीघर हैं. ईरान अपने कुल बिजली उत्पादन का केवल 0.2 फीसदी (4937 गीगा ऑवर्स) हिस्सा ही निर्यात करता है. बाकी की बिजली का इस्तेमाल वह अपनी घरेलू जरूरतों के लिए करता है. ईरान के अधिकांश बिजलीघर बड़े शहरों और औद्योगिक केंद्रों के पास स्थित हैं. ईरान की ज्यादातर आबादी उसके पश्चिमी हिस्से में रहती है. इस इलाके में तेहरान, मशहद और इस्फहान तीन सबसे बड़े शहर हैं.ईरान का सबसे बड़ा बिजलीघर दमावंद पावर प्लांट है. यह तेहरान से करीब 50 किमी दक्षिण-पूर्व में पकदश्त इलाके में स्थित है. इसकी क्षमता करीब 2,900 मेगावाट की है.
ईरान के पास गैस, कोयला, पानी , परमाणु और तेल से चलने वाले बिजलीघर हैं. वह सबसे अधिक बिजली प्राकृतिक गैस से बनाता है. ईरान के उत्तरी और मध्य हिस्सों में स्थित गैस से चलने वाले बिजलीघर तेहरान, कराज, इस्फहान और मशहद जैसे शहरों को बिजली की सप्लाई करते हैं. ईरान के बिजली घरों का एक और बड़ा समूह खाड़ी तट के पास स्थित है. वहां गैस के बड़े भंडार और बंदरगाह है. इस वजह से वहां थर्मल बिजलीघर चलते हैं. इसी तट पर बुशेहर परमाणु बिजली घर भी है. यह ईरान का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है. इसकी क्षमता 1000 मेगावाट की है. करुन नदी के किनारे ईरान ने कुछ जलविद्युत बांध बनाए हैं. ये उसके जलविद्युत उत्पादन का प्रमुख स्रोत हैं.
ईरान में बिजली का संचालन कौन सी कंपनी करती है
इन सभी बिजलीघरों में बनने वाली बिजली को राष्ट्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क में भेजा जाता है. इसे ईरान की ग्रिड मैनेजमेंट कंपनी चलाती है. यही कंपनी बिजली को पूरे ईरान के शहरों, उद्योगों और घरों तक पहुंचाती है.
ईरान की बिजली प्रणाली मुख्य रूप से बड़े तापीय बिजलीघरों पर आधारित है. ये प्राकृतिक गैस से चलते हैं. ईरान के पास दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में से एक है. इसलिए ईरान सबसे अधिक बिजली प्राकृतिक गैस से बनाता है. वहीं ईरान में तेल से चलने वाले बिजलीघर करीब सात फीसदी बिजली का पैदा करते हैं.
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