खुद अमेरिका मानता है कितनी भी कोशिश कर ले ईरान में तख्तापलट मुमकिन नहीं- रिपोर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) खाड़ी देशों में रखी गई ईरानी संपत्तियों के अरबों डॉलर को फ्रीज करने पर विचार कर रहा है. यह कदम तेहरान की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक जीवन रेखाओं में से एक को काटने के साथ ईरान की ताकत को कमजोर करने की बड़ी कोशिश साबित हो सकता है.

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ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका
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  • अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया परिषद की गुप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान में तख्तापलट कराना संभव नहीं है
  • अमेरिका ईरान को अलग-थलग करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है और सैन्य अभियान की योजना बना रहा है
  • ईरान पहले से ही मुद्रास्फीति और सैन्य संघर्ष का सामना कर रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है
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नई दिल्ली:

ईरान और इजरायल युद्ध के बीच ईरान में तख्तापलट की मुमकिन कोशिश को लेकर खूब चर्चाएं हुईं. इन चर्चाओं को उस वक्त और बल मिला जब अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई. ऐसा कहा जाने लगा कि अमेरिका अब किसी भी वक्त ईरान में तख्तापलट करा सकता है. हालांकि, इसे लेकर अब जो रिपोर्ट आई है उसमें चौंकाने वाला दावा किया गया है. इस दावे के मुताबिक खुद अमेरिका मानता है कि वो चाहे कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन ईरान में तख्तापलट करा पाना मुमकिन नहीं है. इसका खुलासा एक सिक्रेट रिपोर्ट में हुआ है. वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया परिषद की एक शीर्ष-गुप्त रिपोर्ट, जिसे युद्ध शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले अंतिम रूप दिया गया था, ने निष्कर्ष निकाला है कि ईरान के खिलाफ एक व्यापक अमेरिकी सैन्य अभियान भी संभवतः शासन को उखाड़ फेंकने में विफल रहेगा. 

आपको बता दें कि अमेरिका ईरान को हर तरह से अलग थलग करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है. उधर, खाड़ी के देश भी ईरान पर सख्ती करने का मन बनाते दिख रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) खाड़ी देशों में रखी गई ईरानी संपत्तियों के अरबों डॉलर को फ्रीज करने पर विचार कर रहा है. यह कदम तेहरान की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक जीवन रेखाओं में से एक को काटने के साथ ईरान की ताकत को कमजोर करने की बड़ी कोशिश साबित हो सकता है.

अगर UAE अपनी इस कार्रवाई को आगे बढ़ाता है तो इससे तेहरान को विदेशी मुद्रा और वैश्विक व्यापार के नेटवर्क को तगड़ा नुकसान पहुंच सकता है. इसका असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना तय है. आपको बता दें कि ईरान पहले से ही मुद्रास्फीति (महंगाई) का दबाव झेल रहा है, साथ ही साथ बीते कुछ हफ्तों से वो एक सैन्य संघर्ष का भी सामना कर रहा है. 

IRGC के ठिकानों को निशाना बना रहा है अमेरिका और इजरायल

ईरान की चारो तरफ से घेराबंदी करने के लिए अमेरिका और इजरायल ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों और उनसे जुड़ी सेल कंपनियों को निशाना बना रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल ऐसा करके ईरान को बैक डोर से होने वाली फंडिंग को रोकना चाहते हैं. अगर ऐसा हुआ तो इससे ईरान इस युद्ध में बगैर वित्तीय मदद के लंबे समय तक इस तेजी से पलटवार नहीं कर पाएगा. 

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