- मिडिल ईस्ट में ईरान ने दुश्मन को भ्रमित करने के लिए जमीन पर नकली पेंटिंग्स का उपयोग किया है
- इजरायल ने एक ईरानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट को नष्ट करने का दावा किया, पर वह असली नहीं था
- ईरान ने चीन से गुब्बारे वाले नकली टैंक और मिसाइल लॉन्चर मंगवाए हैं ताकि रडार को भ्रमित किया जा सके
मिडिल ईस्ट के आसमान में दुनिया की सबसे आधुनिक मिसाइलें गरज रही हैं. हर तरफ तबाही का आलम है. अमेरिका-इजरायल ईरान के हमलों को नाकाम करने के लिए लाखों डॉलर की मिसाइलें मार रहे हैं. लेकिन इस बीच ईरान गजब की चालाकी दिखा रहा है. हाल ही में इजरायल ने एक ईरानी मिलिट्री एयरक्राफ्ट को नष्ट करने का वीडियो शेयर किया. इसे लेकर सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि ये कोई असली लड़ाकू विमान या हेलीकॉप्टर नहीं थे, बल्कि ईरान ने धोखा देने के लिए जमीन पर पेंटिंग बना रखी थीं.
सोशल मीडिया पर यूजर्स इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) का मजाक उड़ाते हुए लिख रहे हैं कि अगर ये असली हेलिकॉप्टर होता तो धमाके के बाद इसके पंख (Rotor) उड़ जाते, लेकिन यहां तो सब कुछ वैसा ही दिख रहा है जैसा हमले से पहले था. एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि इजरायल ने महज कुछ डॉलर की पेंटिंग को मिटाने के लिए लाखों डॉलर की मिसाइल बर्बाद कर दी.
आमतौर पर एक इजरायली मिसाइल की औसत लागत करीब 3 मिलियन डॉलर (लगभग 25 करोड़ रुपये) होती है, जबकि ऐसी डमी पेंटिंग बनाने में नाममात्र का खर्च आता है. इन पेंटिंग्स को इस तरह बनाया जाता है कि ऑप्टिकल इल्यूजन की वजह से ये ऊपर से देखने पर बिल्कुल असली जैसी दिखती हैं. दावा किया जा रहा है कि ईरान की चाल में फंसकर अमेरिका और इजरायल अपनी बेशकीमती मिसाइलें बर्बाद कर रहे हैं.
कहा जा रहा है कि ईरान इस 'डमी वॉरफेयर' में दुश्मन को गुमराह करने के लिए लकड़ी, रबर या रंगों का सहारा ले रहा है. चर्चा तो यहां तक है कि ईरान ने चीन से लाखों की संख्या में गुब्बारे वाले टैंक और डमी मिसाइल लॉन्चर मंगवाए हैं ताकि दुश्मन के महंगे रडार और मिसाइल सिस्टम को भ्रमित किया जा सके. GPX प्रेस की एक पोस्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने चीन से 9 लाख से ज्यादा गुब्बारे वाले टैंक, मिसाइल कैरियर और लॉन्चर वाली बैलिस्टिक मिसाइलों के मॉडल मंगवाए हैं. हालांकि एनडीटीवी इस खबर की पुष्टि नहीं करता.
वैसे बता दें कि गुब्बारे वाले टैंक और नकली सैन्य साजोसामान का युद्ध में इस्तेमाल कोई नया नहीं है. दशकों से दुश्मन को धोखा देने के लिए इनका इस्तेमाल होता रहा है. लेकिन ईरान ने इसे नए लेवल तक पहुंचा दिया है. हालांकि कई एक्सपर्ट ईरान के इस दावे को चुनौती भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि इजरायल ने जिस तरह हमला किया था, वैसी थर्मल सिग्नेचर और परछाई साधारण पेंटिंग से पैदा करने लगभग असंभव है.
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