भारत-जापान के बीच बड़ी डील, इस काम के लिए दोनों ने बनाया ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप

भारत रेयर अर्थ मैटेरियल के क्षेत्र में लगातार नए समझौते कर रहा है. जापान इस कड़ी में एक बेहद अहम पार्टनर के तौर पर जुड़ रहा है. दोनों देश एआई के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं.

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  • भारत और जापान ने 18वें रणनीतिक संवाद के दौरान AIऔर दुर्लभ खनिजों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई
  • जयशंकर और जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी ने नए एआई संवाद की शुरुआत की
  • आर्थिक सुरक्षा वार्ता का दूसरा दौर 2026 की पहली छमाही में आयोजित होगा
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India Japan Strategic Dialogue: भारत और जापान के बीच 18वें रणनीतिक संवाद के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों (Rare Earth Elements) के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नई पहल हुई है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी ने एक नए एआई संवाद का शुभारंभ किया और दुर्लभ खनिजों पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप गठित करने का भी निर्णय लिया है.

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "आज मंत्रियों ने इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एआई संवाद का शुभारंभ किया. आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में, यह दोनों देशों के बीच जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, न केवल हमारी अर्थव्यवस्थाओं के लिए बल्कि विश्व की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी. दोनों पक्षों ने दुर्लभ खनिजों और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा पहल के तहत महत्वपूर्ण खनिजों पर एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने का भी निर्णय लिया."

आगे का प्लान

इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने आर्थिक सुरक्षा पहल के तहत सार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र के साथ संवाद आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की. भारत के विदेश सचिव और जापान के उप विदेश मंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक सुरक्षा वार्ता का दूसरा दौर 2026 की पहली छमाही में आयोजित किया जाएगा. दोनों विदेश मंत्रियों के बीच हुई चर्चा में निवेश, व्यापार, रक्षा और जन-समुदायों के बीच आदान-प्रदान जैसे कई विषयों को शामिल किया गया.

रणधीर जायसवाल ने कहा, “दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सप्लाई चेन की मजबूती, निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, जन-समुदायों के बीच आदान-प्रदान और हमारे सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष जापान में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के परिणामों के अनुरूप भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया.”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, तोशिमित्सु मोटेगी 15 से 17 जनवरी तक भारत में हैं. यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की इस वर्ष की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान जोहान्सबर्ग में हुई मुलाकात के बाद हो रही है.

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