भारत और इजरायल जल्द करेंगे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, पीएम मोदी बोले- इन क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ेंगे

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के टर्म्स ऑ रिफरेन्स पर नवंबर 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके जरिए भारत और इजरायल के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए अहम क्षेत्रों पर चर्चा की रूपरेखा तैयार की गई.

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इजरायल में पीएम मोदी.
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  • भारत और इजरायल ने टेक्नोलॉजी, नवाचार, व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सहमति व्यक्त की
  • पीएम मोदी और नेतन्याहू ने AI, क्वांटम और क्रिटिकल मेटल्स में साझेदारी स्थापित करने का निर्णय लिया
  • रक्षा, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और अंतरिक्ष क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने पर जोर है
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तेल अवीव:

"आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने पिछले वर्ष बाइलैटरल इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट किया. हम शीघ्र ही एक म्यूचुअली बेनिफिशियल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी अंतिम रूप देंगे", इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये अहम बात कही. भारत और इजरायल ने विशेषकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग और व्यापार बढ़ाने का फैसला किया है.

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दोनों देशों के बीच कौन-कौन से फैसले?

गुरुवार को दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीस पार्टनरशिप स्थापित करने का फैसला किया. इससे AI, Quantum और Critical Minerals जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गति मिलने की उम्मीद है.

दिल्ली में जारी भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर अधिकारी-स्तर की पहले दौर की बातचीत में दोनों देशों ने नवाचार (innovation), विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence), साइबर सुरक्षा, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और सेवाओं जैसे क्षेत्रों आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है.

नेतन्याहू संग वार्ता में पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मुझे खुशी है कि इजरायल में UPI के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है. Digital Health के क्षेत्र में भी हम अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. रक्षा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग रहा है. पिछले वर्ष हुए MOU से इसमें नए आयाम जुड़ेंगे. हम मिलकर जॉइंट डेवलपमेंट, जॉइंट प्रोडक्शन और  ट्रांसफर फॉर टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ेंगे. साथ ही हम सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे."

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, "व्यापार वार्ता के पहले दौर के दौरान दोनों पक्षों के तकनीकी विशेषज्ञ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे वस्तुओं में व्यापार (trade in goods), सेवाओं में व्यापार (trade in services), उत्पत्ति के नियम (rules of origin), स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय (sanitary and phytosanitary measures), व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार सुविधा, बौद्धिक संपदा अधिकार (intellectual property rights) को कवर करने वाले सत्रों में भाग लेंगे."

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व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के टर्म्स ऑ रिफरेन्स पर नवंबर 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके ज़रिए भारत और इजरायल के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए अहम क्षेत्रों पर चर्चा की रूपरेखा तैयार की गई. वित्त वर्ष 2024-2025 के दौरान दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 3.62 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा था.
 

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