- पाकिस्तान की मानवाधिकार वकील इमरान जैनब मजारी-हाजिर और उनके पति को सोशल मीडिया पोस्ट मामले में सजा सुनाई गई
- एनसीसीआईए ने 12 अगस्त 2025 को विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर शिकायत दर्ज की थी
- मजारी-हाजिर पर आतंकवादी विचारों का प्रचार करने और उनके पति पर पोस्ट दोहराने का आरोप था
पाकिस्तान की जानी-मानी मानवाधिकार वकील इमरान जैनब मजारी-हाजिर और उनके पति, वकील हादी अली चत्था को सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े एक मामले में शनिवार को 17-17 साल कारावास की सजा सुनाई गई. यह मामला इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (एनसीसीआईए) में 12 अगस्त, 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है. इसमें दोनों पर विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था.
क्या आरोप था
एनसीसीआईए की शिकायत में मजारी-हाजिर पर ‘‘शत्रुतापूर्ण आतंकवादी समूहों और प्रतिबंधित संगठनों से मेल खाने वाले विचारों का प्रचार करने'' का आरोप लगाया गया था, जबकि उनके पति पर उनकी कुछ पोस्ट को दोबारा पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था. दंपति पर पिछले साल 30 अक्टूबर को आरोप तय किए गए थे और शुक्रवार को संघीय राजधानी इस्लामाबाद में अदालत जाते समय उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
कोर्ट ने क्या कहा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद अफजल माजोका की अदालत में दोनों आरोपियों को रावलपिंडी की अडियाला जेल से वीडियो लिंक के जरिये सुनवाई के लिए पेश किया गया. हालांकि, दंपति द्वारा सुनवाई का बहिष्कार किये जाने के बाद संक्षिप्त सुनवाई की गई और सजा की घोषणा कर दी. न्यायाधीश माजोका ने लिखित आदेश में कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम (पीईसीए) की विभिन्न धाराओं के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ अपना मामला साबित करने में सक्षम रहा है.''
मजारी-हाजिर की मां और इमरान खान सरकार में मानवाधिकार मंत्री रहीं डॉ. शिरीन मजारी ने शुक्रवार को गिरफ्तारी की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और दामाद को ‘‘गिरफ्तार कर लिया गया है, अलग-अलग कारों में बिठाकर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया है.''













