हैती : बेटे पर जादू-टोना किए जाने के शक में गैंग लीडर ने 110 लोगों को मौत के घाट उतारा

हैती में एक गैंग लीडर ने अपने बच्चे पर जादू-टोना किए जाने के शक में 110 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गैंग लीडर 'मोनेल मिकानो' फेलिक्स ने अपने 'विव अंसनम' ग्रुप के साथ मिलकर इस नरसंहार को अंजाम दिया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
पोर्ट-ऑ-प्रिंस:

हैती के सिटे सोलेइल स्लम में वीकेंड में कम से कम 110 लोगों की हत्या कर दी गई. एक प्रमुख मानवाधिकार समूह ने बताया कि एक गैंग लीडर ने बुजुर्गों को निशाना बनाया क्योंकि उसे शक था कि इन लोगों ने जादू-टोना करके उसके बच्चे को बीमार किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गैंग लीडर मोनेल 'मिकानो' फेलिक्स ने अपने 'विव अंसनम' ग्रुप के साथ मिलकर इस नरसंहार को अंजाम दिया.

नेशनल ह्यूमन राइट डिफेंस नेटवर्क (आरएनडीडीएच) ने कहा कि जब फेलिक्स का बच्चा बीमार हो गया, तो उसने एक वूडू पुजारी से इस संबंध में बात की. पुजारी ने क्षेत्र के बुजुर्ग लोगों पर जादू-टोने के जरिए बच्चे को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया, जिससे भड़क कर फेलिक्स ने नरसंहार का आदेश दे दिया. बयान में कहा गया कि गैंग के सदस्यों ने शुक्रवार को कम से कम 60 लोगों और शनिवार को 50 लोगों की हत्या चाकू और कुल्हाड़ियों से की. मृतकों में से सभी की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी.

सिटे सोलेइल राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के बंदरगाह के पास एक घनी आबादी वाली बस्ती है. इसे हैती के सबसे गरीब और सबसे हिंसक इलाकों में से एक माना जाता है. मोबाइल फोन इस्तेमाल पर प्रतिबंध समेत गिरोहों पर कड़े नियंत्रण करने प्रयासों की वजह से निवासियों की हत्याओं के बारे में जानकारी साझा करना खासा मुश्किल है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान लगाया था कि फेलिक्स के गिरोह में लगभग 300 लोग थे और वे फोर्ट डिमांचे और ला सलाइन के आसपास सक्रिय थे.

नवंबर 2018 में ला सलाइन में कम से कम 71 नागरिकों की हत्या कर दी गई थी, जबकि सैकड़ों घरों में आग लगा दी गई थी. राजनीतिक अंतर्कलह से त्रस्त सरकार राजधानी और उसके आसपास सशस्त्र गिरोहों की बढ़ती ताकत को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रही है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Iran Attacks on Israel: भारतीय छात्र क्यों नहीं छोड़ रहे ईरान? खुद बताई थी बड़ी वजह | India
Topics mentioned in this article