पाकिस्तान के ISI एजेंट आमिर हमजा की सीक्रेट शूटर ने की हत्या, भारत को दिए थे ऐसे जख्म

Aamir Hamza Killing : आमिर हमजा जैसों का आखिरी अंजाम यही होता है. मगर पाकिस्तान भारत पर तोहमत मढ़ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार 2020 से अब तक करीब 20 आतंकियों की पाकिस्तान में हत्या हो चुकी है.

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Pakistan Former Brigadier murder : आमिर हमजा की मौत से आतंकवादियों को संदेश मिलेगा कि आंतक के रास्ते का क्या अंजाम होता है.

Aamir Hamza Killing : पाकिस्तानी सेना के एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर और अहम आईएसआई ऑपरेटिव आमिर हमजा की हत्या कर दी गई है. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हत्या सोमवार को झेलम जिले में की गई. हमजा की कार पर चार अज्ञात हमलावरों ने गोलियां बरसा दीं. ये सभी हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार थे और हमले के बाद मौके से फरार हो गए. हमले के समय कार में हमजा की पत्नी साफिया और बेटी मुस्कान भी थी. ये दोनों भी हमले में घायल हुईं हैं. हमले का चश्मदीद हमजा का भाई मोहम्मद अयूब है, जो एक दूसरी कार में पीछे आ रहा था. पुलिस में शिकायत उसी ने दर्ज कराई है. पाकिस्तान पुलिस की तरफ से कहा गया है कि हमजा की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी और हमलावरों ने कार से कोई सामान नहीं लूटा है. पाकिस्तानी पुलिस के मुताबिक ये एक टारगेट कीलिंग है. 

सुजवा आर्मी कैंप पर करवाया था हमला

आमिर हमजा का मारा जाना भारत के लिए एक अच्छी खबर है. पाकिस्तानी सेना का ये पूर्व ब्रिगेडियर और आईएसआई ऑपरेटिव भारतीय खुफिया एजेंसियों की नजर में आतंकवादियों का सरगना था. ये 2018 में जम्मू और कश्मीर में हुए सुजवा आर्मी कैंप हुए हमला का मास्टरमाइंड था. सुजवा आर्मी कैंप पर हुए हमले में छह भारतीय सैनिक मारे गए थे और एक दर्जन से अधिक घायल हुए थे. 

ख्वाजा शाहिद भी मारा गया

आमिर हमजा ऐसा पहला पाकिस्तानी नहीं है, जिसकी इस तरह से हत्या हुई है. पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में कई ऐसी टारगेट कीलिंग्स हुईं हैं. हालांकि, इसमें रोचक बात यह है कि जिसकी भी हत्या की गई है, उसका संबंध किसी ना किसी तौर पर जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी हमलों से रहा है. पिछले साल नवंबर में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद की हत्या कर दी गई थी. उसका शव पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एलओसी के पास मिला था. उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया गया था. शाहिद भी सुजवा आर्मी कैंप हमले में शामिल था. ऐसा भारतीय एजेंसियों का मानना है.

पठानकोट का भी हुआ इंसाफ 

पिछले साल दिसंबर में ही अदनान अहमद नाम के एक और पाकिस्तानी की हत्या कर दी गई थी. अदनान अहमद दूसरा नाम अब्बू हंजाला था. हंजाला लश्कर-ए-तैयबा का एक हाई रैंक का कमांडर था और इसने जम्मू और कश्मीर में सेना के काफिलों पर कई हमले कराए थे. अक्टूबर 2023 में ही जैश-ए-मोहम्मद के एक और आतंकी शाहिद लतीफ की सियालकोट के एक मस्जिद में हत्या कर दी गई थी. शाहिद लतीफ 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हुए फिदाईन हमले का मास्टरमाइंड था. 

अपनी गलतियों का आरोप भारत पर  

अपने देश में हो रही ऐसी हत्याओं के लिए पाकिस्तान भारत के एजेंसियों पर सवाल उठा चुका है. इसी साल जनवरी में प्रेस कांफ्रेस कर पाकिस्तान के विदेश सचिव मोहम्मद सायरस सज्जाद ने भारत पर आरोप लगाया था कि वो पाकिस्तान की जमीन पर हत्याएं करा रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 से अब तक करीब बीस ऐसी हत्याएं हो चुकी हैं. पाकिस्तान के शक का आधार दरअसल यही है कि जिस भी शख्स की हत्या हुई, वो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल था. भारत ने पाकिस्तान के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि उसकी इस तरह की नीति नहीं रही है और वो इस तरीके से हत्याएं नहीं कराता.

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