- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत से असंतोष व्यक्त किया है.
- ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित नहीं करता है तो सैन्य कार्रवाई संभव है.
- ट्रंप ने मध्य पूर्व में युद्ध के जोखिम को स्वीकार किया और कहा कि युद्ध में हमेशा अच्छे और बुरे जोखिम होते हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं. हाल के दिनों में दोनों देशों की ओर से तीखे बयान सामने आए हैं, जिससे संभावित टकराव की आशंकाएं और बढ़ गई हैं. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता को लेकर असंतोष जाहिर किया है. ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ चल रही वार्ता से खुश नहीं हैं. हालांकि ट्रंप ने साफ कहा कि अभी तक उन्होंने कोई भी निर्णय नहीं लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने ईरान पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. हम उनके बातचीत के तरीके से बिलकुल भी खुश नहीं हैं. उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते हैं. हम उनके बातचीत के तरीके से बिलकुल भी उत्साहित नहीं हैं. इसलिए देखते हैं कि आगे क्या होता है.
... तो सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं: ट्रंप
जिनेवा में गुरुवार को हुई परमाणु वार्ता के विफल होने और ईरान के आसपास के इलाकों में अमेरिकी सेनाओं की तैनाती के बीच दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमत नहीं होता है तो सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता है. वहीं ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन करने का अधिकार है और वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश के आरोंपों से इनकार करता रहा है.
युद्ध में जोखिम हमेशा रहता है: ट्रंप
ट्रंप से पूछा गया कि अगर अमेरिका ईरान पर हमले करता है तो मध्य पूर्व में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में फंसने का क्या जोखिम है. इस पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि आप कह सकते हैं कि जोखिम हमेशा रहता है. आप जानते हैं, जब युद्ध होता है तो अच्छे और बुरे दोनों तरह के जोखिम होते हैं.
इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले सप्ताह की शुरुआत में इजरायल की एक छोटी यात्रा करेंगे.














