- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी घोषित किया,आर्थिक नीति को बड़ा झटका
- ट्रंप ने कोर्ट के फैसले को हास्यास्पद बताया और जजों को शर्मसार करने वाले शब्दों से संबोधित किया है
- ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश दिया है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां की सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी बता दिया है. इसके बाद ट्रंप के भी तेवर हाई हैं. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर अपने आधिकारिक हैंडल से फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के जजों को खूब सुनाया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल जजों के लिए चुभने वाले शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि ये तो हास्यास्पद और उन्हें शर्म आनी चाहिए. अमेरिका की शीर्ष अदालत के फैसले से बौखलाए ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर 10 फीसदी अतरिक्त टैरिफ भी लगा दिया है जिसके लिए उन्होंने सेक्शन 122 के अधिकारों का उपयोग किया है.
ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जजों पर क्या कहा?
अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के जिन सदस्यों ने टैरिफ के हमारे बहुत ही स्वीकार्य और उचित तरीके के खिलाफ मतदान किया है,उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए.उनका फैसला हास्यास्पद था,लेकिन अब समायोजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.हम वह सब कुछ करेंगे जिससे पहले की तुलना में और भी अधिक पैसा इकट्ठा किया जा सके. ट्रंप यहीं नहीं रुके. उन्होंने 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए एक और पोस्ट लिखा कि ओवल ऑफिस (Oval Office) से सभी देशों पर 10% का वैश्विक टैरिफ (Global Tariff) लागू करने वाले दस्तावे पर हस्ताक्षर करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है,जो लगभग तत्काल प्रभाव से लागू होगा.इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद.
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डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपने देश की रक्षा के लिए एक राष्ट्रपति विभिन्न टैरिफ प्राधिकरणों के तहत पिछले एक साल की तुलना में कहीं अधिक शुल्क लगा सकता है. इसलिए हम अन्य कानूनों और टैरिफ अधिकारों का उपयोग कर सकते हैं,जिन्हें पहले ही बताया जा चुका है और जिनकी पूरी अनुमति है.तत्काल प्रभाव से, धारा 232 (Section 232) के तहत सभी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ और मौजूदा धारा 301 (Section 301) के टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे.मैं पहले से वसूले जा रहे सामान्य शुल्कों के अतिरिक्त धारा 122 (Section 122) के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर करूंगा.इसके साथ ही,हम अन्य देशों और कंपनियों की अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से अपने देश को बचाने के लिए धारा 301 और अन्य जांचें भी शुरू कर रहे हैं.अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 6–3 के फैसले ने ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है,खासकर उस मुद्दे पर जो उनकी आर्थिक नीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण था.
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भारत पर होगा असर,क्या बदलेगा टैरिफ?
ट्रंप की ओर से 1 फीसदी ग्लोबल टैरिफ का असर क्या भारत पर होगा? भारत पर जारी 18 फीसदी टैरिफ पर क्या कोई बदलाव होगा? इसपर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ही साफ कर दिया कि इस टैरिफ का भारत पर कोई असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक स्मार्ट,समझदार और शानदार नेता हैं.बता दें कि भारत के साथ अंतरिम ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने टोटल टैरिफ को 50% से घटा कर 18% कर दिया है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 'रेसिप्रोकल टैरिफ' को अवैध ठहराया है, जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.














