ईरान ले रहा ट्रंप की मौज, ऐसा AI वीडियो बना दिया कि पाकिस्तान भी बोल उठेगा- मुझे क्यों तोड़ा?

ईरान ने पाकिस्तान की कूटनीति पर भी कटाक्ष किया है, यह दर्शाते हुए कि अमेरिका पाकिस्तान का उपयोग अपना मोहरा बनाने के लिए कर रहा है.

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अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब कूटनीतिक गलियारों से निकलकर 'डिजिटल वॉर' के मैदान में आ पहुंची है. ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ऐसा तीखा तंज कसा है कि सोशल मीडिया पर तहलका मच गया है. दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को बढ़ाने का फैसला किया था, लेकिन ईरान ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय एआई वीडियो साझा कर ट्रंप को बुरी तरह ट्रोल किया है. हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास ने इस वीडियो को साझा करते हुए तंज कसा कि आखिर यह युद्धविराम आगे कैसे बढ़ा.

इस 45 सेकंड के एआई वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रंप अपने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की मेज पर ईरान की टीम का इंतजार कर रहे हैं.

वीडियो में ट्रंप को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह पोस्ट करते हुए दिखाया गया है कि "ईरान के साथ हमारी बातचीत बहुत शानदार चल रही है." लेकिन असलियत में मेज के दूसरी तरफ ईरान का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं होता.

खाली कुर्सियों के सामने ट्रंप की नाराजगी

वीडियो में इसके बाद मशहूर कार्टून 'स्पंजबॉब' का लोकप्रिय मीम '2,000 साल बाद' इस्तेमाल किया गया है, जो यह दर्शाता है कि ट्रंप लंबे समय से ईरान का इंतजार कर रहे हैं. जब कोई नहीं आता, तो ट्रंप गुस्से में खाली कुर्सियों से कहते हैं, "अगर ईरान बातचीत के लिए नहीं आया, तो हम उन पर बमबारी कर देंगे." 

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इसके तुरंत बाद वह कमरे में मौजूद अपने सहयोगियों से पूछते हैं, "तो ईरानी हैं कहां?" तभी एक सहायक ट्रंप के पास आता है और उन्हें एक पर्ची थमाता है. इस पर्ची पर बड़े अक्षरों में लिखा होता है, "चुप रहो, ट्रंप." 

वीडियो के अंत में ट्रंप का किरदार कहता है, "ठीक है, फिर मैं पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्धविराम को और बढ़ाता हूं." इसके बाद ट्रंप कमरे से बाहर चले जाते हैं और पीछे से ठहाकों की आवाज आती है.

ईरान लगातार यह संदेश दे रहा है कि वह दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेगा. एक तरफ ट्रंप युद्धविराम बढ़ाकर शांति दूत बनने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं ईरान इस पूरे घटनाक्रम को ट्रंप की कमजोरी और पाकिस्तान के अनावश्यक हस्तक्षेप के रूप में पेश कर रहा है. ईरानी दूतावास द्वारा शेयर किया गया यह वीडियो इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

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ईरान के वीडियो में पाकिस्तान की कुटनीति पर भी सवाल

ईरान के इस एआई वीडियो में पाकिस्तान की कुटनीति पर भी तंज है. अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ बताता रहा है. लेकिन उसकी हैसियत महज पिछलग्गू बने रहे कि है. ट्रंप के एआई वीडियो से ईरान ने साफ कर दिया कि वह पाकिस्तान के बारे में क्या सोचता है. यानी अमेरिका पाकिस्तान को मोहरा बनाने के लिए अपना इस्तेमाल कर रहा है.

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