रूस और भारत के साथ संवाद बनाए रखने को तैयार है चीन

इस संबंध में लिन च्येन ने बताया कि चीन-रूस-भारत सहयोग न केवल तीनों देशों के हित में है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता और प्रगति के लिए भी अनुकूल है. चीन, चीन-रूस-भारत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रूस और भारत के साथ संवाद बनाए रखने को तैयार है.

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प्रतीकात्मक फोटो

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन, चीन-रूस-भारत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रूस और भारत के साथ संवाद बनाए रखने को तैयार है. हाल ही में रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने कहा कि रूस त्रिपक्षीय सहयोग तंत्र को बहाल करने के लिए चीन और भारत के साथ बातचीत कर रहा है और रूस इस तंत्र के संचालन को बढ़ावा देने के प्रति सकारात्मक रुख रखता है.

इस संबंध में लिन च्येन ने बताया कि चीन-रूस-भारत सहयोग न केवल तीनों देशों के हित में है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता और प्रगति के लिए भी अनुकूल है. चीन, चीन-रूस-भारत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रूस और भारत के साथ संवाद बनाए रखने को तैयार है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उनका मानना है कि चीन जल्द ही फेंटेनाइल के निर्माण और वितरण करने वालों को मौत की सजा देगा. इस बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में, प्रवक्ता लिन च्येन ने जोर देकर कहा कि फेंटेनाइल अमेरिका की एक समस्या है, चीन की नहीं, और इसकी जिम्मेदारी अमेरिका की ही है.

साथ ही लिन च्येन ने यह भी कहा है कि चीन हमेशा से एक कार्रवाई-उन्मुख देश रहा है, जो वैश्विक विकास को बढ़ावा देता है और दुनिया में आम समृद्धि और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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