जिस बोलीविया में चे ग्वेरा को मारा गया, वहां लेफ्ट का किला कैसे ढहा?

Bolivia presidential Election: राष्ट्रपति चुनाव के इस रिजल्ट ने लगभग 20 वर्षों के दबदबे के बाद बोलीविया की मूवमेंट टुवार्ड सोशलिज्म या MAS पार्टी को एक बड़ा झटका दिया है.

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  • बोलीविया में हुए राष्ट्रपति चुनाव में मध्यमार्गी उम्मीदवार रोड्रिगो पाज सबसे आगे हैं, लेकिन बहुमत नहीं मिला है
  • लेफ्ट पार्टी मूवमेंट टुवार्ड सोशलिज्म को लगभग दो दशकों बाद इस चुनाव में बड़ा झटका लगा, उम्मीदवार 6ठे नंबर पर.
  • रोड्रिगो पाज और पूर्व राष्ट्रपति क्विरोगा के बीच अगले दौर में चुनाव होगा क्योंकि किसी को स्पष्ट जीत नहीं मिली.
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बोलीविया, दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप का वो देश जहां समाजवादी क्रांतिकारी चे ग्वेरा को मारा गया था. अब यह देश अपने यहां हुए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा में है. बोलीविया में सत्ता बदलने वाली है, दो दशक तक राज करने के बाद यहां लेफ्ट का किला ढह गया है. एपी की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को हुए मतदान के बाद बोलीविया के लोग एक अभूतपूर्व राष्ट्रपति चुनाव की ओर बढ़ गए हैं. यहां लेफ्ट साफ हो गया है. मध्यमार्गी (सेंटरिस्ट) सीनेटर रोड्रिगो पाज सबसे आगे दिख रहे हैं, जिनको दक्षिणपंथी उम्मीदवारों की तुलना में अधिक वोट मिले. हालांकि प्रारंभिक परिणामों के अनुसार किसी भी एक उम्मीदवार को जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त वोट नहीं मिले हैं, कोई बहुमत का आंकड़ा छू नहीं पाया है. इस वजह से एक दौर का चुनाव और कराना होगा.

रोड्रिगो पाज एक पूर्व मेयर हैं. वो अब 19 अक्टूबर को दक्षिणपंथी पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज "टुटो" क्विरोगा के खिलाफ मैदान में होंगे, जो दूसरे स्थान पर रहे हैं. AP की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को 91% से अधिक मतपत्रों की गिनती हुई थी जिसमें से पाज को 32.8% वोट मिले थे. वहीं क्विरोगा ने 26.4% हासिल किया. स्पष्ट जीत के लिए उम्मीदवारों को 50% या जीत के 10 अंकों के अंतर के साथ 40% वोट पाने की आवश्यकता थी. जो इसबार नहीं हुआ है.

लेफ्ट को बड़ा झटका

राष्ट्रपति चुनाव के इस रिजल्ट ने लगभग 20 वर्षों के दबदबे के बाद बोलीविया की मूवमेंट टुवार्ड सोशलिज्म या MAS पार्टी को एक बड़ा झटका दिया है. पार्टी के संस्थापक, करिश्माई पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस, वामपंथी नेताओं की लहर के हिस्से के रूप में सत्ता में आए थे. दरअसल 2000 के दशक की शुरुआत में महंगाई में जब उछाल आई थी तो कई लैटिन अमेरिकी देशों में वामपंथी सरकार बनी थी.

एक साल छोड़कर बोलीविया में 2006 से ही MAS पार्टी की सरकार है.

इस बार के चुनाव में MAS के आधिकारिक उम्मीदवार, एडुआर्डो डेल कैस्टिलो, केवल 3.2% वोट के साथ छठे स्थान पर रहे. दूसरे वामपंथी उम्मीदवार (विभाजित पार्टी) 36 वर्षीय सीनेट अध्यक्ष एंड्रोनिको रोड्रिग्ज ने केवल 8% वोट हासिल किए.

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ओपिनियन पोल से मिले राइट विंग की उम्मीदों को भी लगा झटका

पाज को मिली बढ़त बोलीविया के राइट विंग के लिए एक झटके के रूप में आई. कई हफ्तों के जनमत सर्वे में यही बताया गया था कि प्रमुख दक्षिणपंथी दावेदार, क्विरोगा और साथ ही करोड़पति बिजनेसमैन सैमुअल डोरिया मदीना, चुनाव में टॉप दो स्थानों पर कब्जा कर लेंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं है.

पाज लेफ्ट विंग और राइट विंग, दोनों की अपेक्षा उदार हैं. ऐसे में उनका सबसे आगे निकलना यह दिखाता है कि बोलीविया की जनता दुविधा की स्थिति में थी और वो सीधे लेफ्त को झोड़कर राइट विंग को कुर्सी पर बैठाने को तैयार नहीं है. लेफ्ट के कद्दावर नेता मोरालेस ने 2006 में राष्ट्रपति की कुर्सी संभाली थी, और प्रसिद्ध रूप से मुक्त-बाजार पूंजीवाद के साथ बोलीविया के 20 साल के प्रयोग (एक्सपेरिमेंट) को समाप्त करने की घोषणा की थी.

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चे ग्वेरा और बोलीविया

अर्जेंटीना में जन्मे चे ग्वेरा क्यूबा के क्रांतिकारी नेता थे जो वामपंथी नायक बन गए. चे ग्वेरा ये वैसे तो पेशे से डॉक्टर थे लेकिन फिर फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में 33 साल की उम्र में क्यूबा के उद्योग मंत्री बने. लेकिन वो उस पद पर नहीं रुकें, बल्कि लातिनी अमरीका में क्रांति का संदेश पहुंचाने के लिए ये पद छोड़कर फिर जंगलों में पहुंच गए.

इसके बाद ग्वेरा ने विद्रोही ताकतों को गुरिल्ला युद्ध में ट्रेंड करने का प्रयास करते हुए अफ्रीका, विशेषकर कांगो में कई महीने बिताए. उनके प्रयास विफल रहे और 1966 में वे गुप्त रूप से क्यूबा लौट आये. क्यूबा से उन्होंने रेने बैरिएंटोस ऑर्टुनो की सरकार के खिलाफ विद्रोह करने वाली सेनाओं का नेतृत्व करने के लिए बोलीविया की यात्रा की. अमेरिकी सहायता से बोलिवियाई सेना ने ग्वेरा और उसके शेष लड़ाकों को पकड़ लिया. उन्हें 9 अक्टूबर 1967 को बोलीविया के ला हिगुएरा गांव में फांसी दे दी गई और उनकी बॉडी को एक गुप्त स्थान पर दफना दिया गया. 1997 में उनके अवशेषों की खोज की गई, उन्हें निकाला गया और क्यूबा वापस लाया गया, जहां उन्हें फिर से दफनाया गया.

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