ईरान जंग से ट्रंप के लोग छाप रहे करोड़ों रुपए? शेयर और सट्टा बाजार में हो रही चांदी

US Israel War against Iran: सवाल उठ रहे हैं कि कहीं डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के लोग ही तो जंग से मुनाफा कमाने की इनसाइडर ट्रेडिंग में नहीं शामिल है. उदाहरण से समझाने के साथ आपको बताते हैं कि यह इनसाइडर ट्रेडिंग का पूरा खेल काम कैसे करता है.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फाइल फोटो
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  • क्या ट्रंप सरकार के कुछ लोग ईरान जंग से संबंधित अंदरूनी जानकारी का उपयोग करके शेयर बाजार में लाभ कमा रहे हैं?
  • जंग के बीच तेल की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग हुई है, करोड़ों की कमाई हुई
  • बेटिंग प्लेटफॉर्म पर बने नए अकाउंटों ने अमेरिका-ईरान युद्ध विराम पर दांव लगाकर बड़ी रकम जीतने की योजना बनाई है
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US Israel War against Iran: क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के मंत्री या अधिकारी मिडिल ईस्ट में जारी जंग को मुनाफा कमाने का जरिया बना रहे हैं? जंग कब किस करवट लेगी, कब कहां हमला होगा, कब कौन निशाने पर होगा, कब सीजफायर होगा और कब शेयर मार्केट छलांग लगाएगा या गोता मारेगा... यह अंदरूनी खबर जिसके पास होगी, वही बेटिंग वर्ल्ड (सट्टा) या शेयर मार्केट का राजा होगा. बार-बार ऐसी खबरें सामने आ रहीं हैं जिनसे सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ट्रंप सरकार के लोग ही तो जंग से मुनाफा कमाने की इनसाइडर ट्रेडिंग में नहीं शामिल है. चलिए उदाहरण से समझने के साथ आपको बताते हैं कि यह इनसाइडर ट्रेडिंग का पूरा खेल काम कैसे करता है.

जंग की इनसाइडर ट्रेडिंग!

आमतौर पर शेयर मार्केट में इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) का मतलब है किसी कंपनी की गोपनीय और संवेदनशील जानकारी (जो सार्वजनिक नहीं हुई है) का उपयोग करके उसके शेयरों की खरीद-फिक्सी करना. यह आमतौर पर कंपनी के डाइरेक्टर्स, कर्मचारियों या करीबी लोगों द्वारा किया जाता है ताकि अनुचित लाभ कमाया जा सके. अब इसे किसी जंग के संबंध में समझिए. जैसे जब मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी हो गई, तमाम तेल-गैस उत्पादन करने वाले ठिकानों पर हमले होने लगे तो एक बात तो साफ थी- तेल की कीमत बढ़ेगी. अब अगर किसी को पहले से पता तो कि जंग कब शुरू होगी या जंग कब खत्म होगी तो वह शेयर मार्केट में पैसे कमा सकता है. हुआ भी कुछ ऐसा ही है. एक और बात. ट्रंप ने शनिवार को ही ईरान को धमकी दी थी कि अगर वह 48 घंटे के अंदर होर्मुज का रास्ता नहीं खोलता है तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी पावर प्लांट यानी बिजली संयंत्रों को तबाह कर देगी. तेल का दाम आसमां छू रहा था. लेकिन समयसीमा खत्म होने से पहले ही ट्रंप ने ऐलान कर दिया कि युद्ध खत्म करने के लिए कुछ अज्ञात ईरानी अधिकारियों के साथ उनकी “बहुत अच्छी” बातचीत हुई है.

संकेत सीजफायर का था और तेल के दाम तेजी से नीचे गिर गए. कई लोगों ने इस उतार-चढ़ाव से पैसे बना लिए हैं. पावर प्लांटों पर हमले से ट्रंप के यूटर्न से शेयर बाजार में  शॉर्ट कर लोगों ने मोटी कमाई की है. नजर सिर्फ शेयर पर नहीं, बेटिंग या सट्टे से पैसे बनाने वाली वेबसाइटों पर भी हैं.

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जंग से मोटी कमाई किसने की है?

9 न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार 23 फरवरी की शाम 4:20 बजे (भारतीय समयानुसार) तेल और एस एंड पी 500 फ्यूचर्स बाजार में अचानक ट्रेडिंग बहुत तेज हो गई. उस समय न्यूयॉर्क में सुबह के 6:50 बज रहे थे. आम तौर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट मई फ्यूचर्स में यह इतनी तेज ट्रेडिंग होने का समय नहीं होता है. लेकिन इस बार अचानक बड़ी मात्रा में पैसा इस बात पर लगाया गया कि तेल की कीमतें गिरेंगी और शेयर बाजार ऊपर जाएगा. सिर्फ एक मिनट के अंदर तेल फ्यूचर्स में 800 मिलियन डॉलर से अधिक के सौदे किए गए. कमाल की बात है कि इन सौदों के कुछ ही मिनट बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करके सीजफायर का संकेत दे दिया. ट्रंप ने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में मिडिल ईस्ट में हमारी दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करने को लेकर बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है.”

इस घोषणा के बाद एस एंड पी 500 फ्यूचर्स बाजार तेजी से ऊपर चला गया और कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिर गईं. जिन लोगों ने पहले ये ट्रेड किए थे, उन्होंने बहुत बड़ा मुनाफा कमा लिया. तो सवाल यही कि उन्हें कैसे पता था कि सीजफायर पर सकारात्मक खबर आने वाली है और तेल की कीमतें तेजी से नीचे गिरेंगी.

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वैसे व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने किसी संदिग्ध गतिविधि की बात को खारिज कर दिया है. कुश देसाई ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा, “व्हाइट हाउस किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा अंदरूनी जानकारी का अवैध फायदा उठाकर मुनाफा कमाने को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता. बिना सबूत के यह कहना कि अधिकारी ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं, पूरी तरह बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग है.”

बेटिंग (सट्टा) साइट पर भी कमाई

बेटिंग करके पैसे कमाने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पॉलिमार्केट पर कई अकाउंट ने कुछ दिन के अंदर अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर दांव लगाए हैं, जिनमें विशेषज्ञों के अनुसार इनसाइडर नॉलेज के संकेत दिखाई देते हैं. द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार आठ अकाउंट ऐसे हैं, जो सभी लगभग 21 मार्च के आसपास बनाए गए थे. इन्होंने अमेरिका-ईरान की जंग रुकने (सीजफायर) पर कुल लगभग 70,000 डॉलर (लगभग 66 लाख रुपए) का दांव लगाया. अगर 31 मार्च से पहले ऐसा समझौता हो जाता है, तो वे लगभग 8,20,000 डॉलर (लगभग 7.7 करोड़ रुपए) कमा सकते हैं. 

एक और अकाउंट है जिसने यही दांव लगाया है और उसे 28 फरवरी को अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले से ठीक पहले बनाया गया था. उस अकाउंट ने इन हमलों पर भी सही दांव लगाया था, जिससे पहले भी इनसाइडर ट्रेडिंग जैसे सवाल उठे थे. अब तक उस खाते ने किसी और चीज पर दांव नहीं लगाया है. 

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बता दें कि बेटिंग ऐप काल्शी ने उन लोगों को 77 मिलियन डॉलर की जीत की रकम देने से इनकार कर दिया है, जिन्होंने दांव लगाया था कि अयातुल्लाह अली खामेनेई 1 मार्च तक पद से हट जाएंगे. यह समय सीमा खत्म होने से कुछ घंटे पहले अमेरिका और इजरायल की बमबारी में खामेनेई मारे गए थे. इस बीच पॉलिमार्केट पर 150 अकाउंट ने 10 लाख डॉलर से अधिक का दांव लगाया था कि अमेरिका अगले दिन ईरान पर हमला करेगा. इतना ही नहीं जनवरी में पॉलिमार्केट के एक यूजर ने लगभग 5,70,000 डॉलर कमाए थे. उसने दांव लगाया था कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो महीने के अंत से पहले पद से हट जाएंगे. उसने अमेरिका द्वारा सैन्य हमले में मादुरो को पकड़ने से कुछ घंटे पहले ही अपने दांव को और बढ़ा दिया था.

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