बांग्लादेशः चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर सिर फुटौव्वल, 11 दलीय गठबंधन में दरार, बनेंगे नए समीकरण

अगर 'इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश' गठबंधन से अलग होता है, तो यह जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी समर्थित इस मोर्चे के लिए एक बड़ा झटका होगा, जिससे चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलीय गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर विवाद हो गया है
  • इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने गठबंधन से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है
  • गठबंधन के भीतर इस्लामी आंदोलन को 45 सीटें देने का प्रस्ताव था, जबकि पार्टी 65-70 सीटें मांग रही है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

बांग्लादेश में आगामी संसदीय चुनावों से पहले जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन (11 party alliance) के टूटने के आसार नजर आ रहे हैं. गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध के बीच 'इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश' (IAB) ने गठबंधन से अलग होने और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है.

अचानक रद्द हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस

गठबंधन के समन्वयक और जमात नेता हामिदुर रहमान आजाद की बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को "अपरिहार्य परिस्थितियों" का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया. माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन के भीतर सीटों के औपचारिक बंटवारे की घोषणा होनी थी, लेकिन सहयोगी दलों के बीच असहमति के कारण इसे टालना पड़ा.

फेसबुक पोस्ट से मचा हड़कंप

गठबंधन में टूट की खबरों की पुष्टि तब हुई, जब बोगुरा-3 निर्वाचन क्षेत्र से जमात के उम्मीदवार नूर मोहम्मद ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर लिखा, "हां, यह सच है. 11 दलीय गठबंधन बिखर रहा है." उन्होंने जानकारी दी कि इस्लामी आंदोलन ने पिछली रात अपनी शूरा (परिषद) और संसदीय उम्मीदवारों के साथ बैठक की, जिसमें अधिकांश सदस्य गठबंधन छोड़कर अकेले चुनाव लड़ने के पक्ष में दिखे.

विवाद की मुख्य वजह: सीटें और भविष्य की सरकार

गठबंधन में दरार के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं:

  • 1. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत इस्लामी आंदोलन को 45 सीटें दी जा रही थीं, जबकि पार्टी अब 65 से 70 सीटों की मांग पर अड़ी है.
  • 2. इस्लामी आंदोलन चुनाव के बाद बनने वाली संभावित सरकार के ढांचे पर स्पष्ट घोषणा चाहता है कि गठबंधन की जीत की स्थिति में कौन सा पद किस दल के पास रहेगा.

जमात प्रमुख ने की धैर्य रखने की अपील

गठबंधन के भविष्य पर मंडराते संकट को देखते हुए जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान ने संयम बरतने का आह्वान किया है. उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा कि राष्ट्र इस समय एक बहुत ही महत्वपूर्ण मोड़ पर है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे "सर्वोच्च बुद्धिमत्ता और धैर्य" का परिचय दें और गठबंधन के सहयोगियों के प्रति किसी भी प्रकार के प्रतिकूल व्यवहार से बचें. 

इस्लामी आंदोलन का दावा, सब कुछ ठीक

जहां एक ओर गठबंधन के टूटने की खबरें चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (IAB) ने इन्हें अटकल और गलत सूचना बताते हुए अपना स्पष्टीकरण जारी किया है. इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के प्रवक्ता और संयुक्त महासचिव मौलाना गाजी अताउर रहमान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि 'आमिर' (पार्टी प्रमुख) के अनुरोध पर गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित की गई है.

इस्लामी आंदोलन का कहना है कि पार्टी अभी भी 'एक-बॉक्स नीति' (One-box policy) पर अडिग है और आपसी समझ व समझौते के आधार पर बातचीत को आगे बढ़ा रही है. भले ही पार्टी बातचीत जारी होने की बात कह रही है, लेकिन गठबंधन के भीतर मतभेद गहरे नजर आ रहे हैं.

Advertisement

जमीनी कार्यकर्ताओं का दबाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, गठबंधन टूटने की एक बड़ी वजह जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का दबाव भी है. सीट-बंटवारे के कारण कई क्षेत्रों में कद्दावर उम्मीदवारों को अपनी दावेदारी छोड़नी पड़ रही थी, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ रहा था. अगर 'इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश' इस गठबंधन से अलग होता है, तो यह जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) समर्थित इस मोर्चे के लिए एक बड़ा झटका होगा, जिससे चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.

Featured Video Of The Day
मंदिर में हनुमान मूर्ति की 36 घंटे से परिक्रमा कर रहा कुत्ता, अनोखे नजारे को देखने उमड़ी भीड़